
वेनेजुएला में आए 2 भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी,मलबे में फंसे लोगों की चीखें
वेनेजुएला में 40 सेकेंड के अंदर दो बहुत शक्तिशाली भूकंप ने तबाही मचा दी है. पहले भूकंप की तीव्रता 7.1 और दूसरे की 7.5 मापी गई. इन तेज झटकों से पूरे देश में कई इमारतें गिर गईं. अबतक कम से कम 32 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है जबकि 700 लोग घायल बताए गए हैं. हालांकि यह आंकड़ा अभी बहुत ज्यादा बढ़ सकता है. यह पिछले सौ साल से भी अधिक समय में देश के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था. भूकंप के बाद रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंची हैं और मलबे में फंसे लोगों को बचाने का काम शुरू कर दिया गया है. सैंकड़ों लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. रेस्क्यू टीमें अभी भी मलबे में फंसे लोगों की आवाज सुन सकती हैं.
वेनेजुएला में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वेनेजुएला में हर तरफ इमारतें गिरी हुई हैं. चारों तरफ धूल और मलबा फैल गया है. रात होने के बाद भी बचाव दल लगातार काम करता रहा. अंधेरे और मुश्किल हालात के बावजूद सभी लोग पूरी मेहनत से लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. CNN की रिपोर्ट के अनुसार बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) का नेतृत्व कर रहे अधिकारी ने बताया कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. यह खबर सुनकर सभी को उम्मीद मिली कि और लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि अब तक 23 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है
बचाए गए लोगों को तुरंत पास के स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है, जहां उनका इलाज हो रहा है. डॉक्टर और नर्सें उनकी देखभाल में जुट गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा कि उनकी टीम तब तक वहां से नहीं जाएगी, जब तक वे हर उस व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं कर लेते जो अभी भी जीवित हो सकता है.

मदद के लिए साथ आई दुनिया

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है और वेनेजुएला को भारत की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है. इस समय पूरी दुनिया वेनेजुएला की मदद के लिए एक साथ आ गई है. देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिले समर्थन के लिए आभार जताया है. उन्होंने बताया अमेरिका, डोमिनिकन गणराज्य, अल सल्वाडोर, मेक्सिको और कतर ने रेस्क्यू टीमें भेजने की घोषणा की है. उन्होंने खास तौर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया. ट्रंप सरकार ने ही कुछ महीने पहले वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो के सत्ता से हटाकर अमेरिका की जेल में बंद कर दिया था.





