मुुंबई में प्रदेश भाजपा सहित 6 राज्यों के नेताओं प्रशिक्षण, खण्डेलवाल, जामवाल सहित 3 दर्जन नेता शामिल

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मुुंबई में प्रदेश भाजपा सहित 6 राज्यों के नेताओं प्रशिक्षण, खण्डेलवाल, जामवाल सहित 3 दर्जन नेता शामिल

भोपाल: पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष प्रशिक्षण महाअभियान को लेकर मुंबई में भाजपा के 6 राज्यों के नेता जुटे हैं। मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा सहित पश्चिम क्षेत्र के राज्यों के करीब दो सौ नेताओं को यहां पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, श्रेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश के प्रभारी महेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके सहित अन्य नेता इसमें शामिल हुए।

प्रदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष प्रशिक्षण महाअभियान को लेकर कुछ दिन पहले प्रदेश भाजपा दफ्तर में कार्यशाला आयोजित हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। भाजपा के यह प्रशिक्षण अभियान पूरे देश भर में चलना है। मध्य प्रदेश इस अभियान को लेकर करीब 15 दिन पहले से ही सक्रिय हो गया है। हर जिले में टोली बना दी गई है। संभाग और प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण के लिए प्रभारी बनाए जा चुके हैं।

*ये नेता है मौजूद* 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, लाल सिंह आर्य, नितेश शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी,अभिलाष पाण्डेय, पंकज जोशी, लोकेंद्र पाराशर ,आलोक संजर, मोहन नागर, सुयश त्यागी, पंकज चतुर्वेदी ,सुरेश आर्य,राजेंद्र अग्रवाल ,रजनीश अग्रवाल, अरविंद भदौरिया, पंकज नागर सहित तीन दर्जन नेता शामिल हैं। ये सभी बतौर मास्टर ट्रेनर्स जिलों में जाएंगे । ये सभी अप्रैल और मई में जिलों में जाकर प्रशिक्षण देंगे।

*14 विषयों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण* 

मुंबई में चल रहे प्रशिक्षण में 14 विषयों पर जोर दिया जा रहा है। इसमें पहला सत्र कॉमन सत्र था, जिसमें सभी राज्यों से आए नेता एक साथ बैठे। इसके अलावा 14 अलग-अलग विषयों पर यहां पर अलग-अलग राज्यों से आए नेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में विचार और व्यवहार दोनों पर जोर रहेगा। नेताओं को सार्वजनिक जीवन की मयार्दा समझाई जाएगी। संवाद में संयम रखने की सीख दी जाएगी। सोशल मीडिया पर सावधानी की बात होगी। नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर सत्र रखे जाएंगे। टीम भावना पर विशेष जोर दिया जाएगा। समय पालन और अनुशासन पर ध्यान रहेगा। विषय आधारित सत्र तय किए गए हैं। प्रशिक्षक ऐसे होंगे जो अनुभव रखते हैं। वे कार्यकतार्ओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।