
Lokayukta Action: उपनिरीक्षक व आरक्षक पर रिश्वत मांगने का केस दर्ज, लोकायुक्त इंदौर की कार्रवाई
बड़वानी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत लोकायुक्त इंदौर ने अंजड़ थाना में पदस्थ एक उपनिरीक्षक और आरक्षक के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर एक ज्वेलर्स संचालक से केस में राहत देने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आवेदक जयराज चौधरी पिता भगवानजी चौधरी, निवासी अंजड़, एमजी रोड सराफा बाजार में डायमंड ज्वेलर्स के संचालक हैं तथा सौर ऊर्जा सामग्री सप्लाई का काम भी करते हैं। करीब एक वर्ष पूर्व भारत बर्फा नामक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में अंजड़ थाना के उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल ने जयराज चौधरी को थाने बुलाकर पूछताछ की थी।

बताया गया कि 24 जनवरी 2026 को उपनिरीक्षक महावीर चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति अंजड़ न्यायालय के पास जयराज चौधरी से मिले। इस दौरान चंदेल ने कहा कि उन्हें इस मामले में अब तक परेशान नहीं किया गया है और केस खत्म कर दिया जाएगा। इसके बदले आरक्षक पवन प्रजापति के माध्यम से 50 हजार रुपए “खर्चा-पानी” देने को कहा गया। साथ ही पैसे नहीं देने पर केस में फंसाने और अन्य मामलों में भी कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
इस पर जयराज चौधरी ने लोकायुक्त इंदौर में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को लिखित शिकायत दी। लोकायुक्त टीम द्वारा की गई जांच और सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आवेदक ने आरक्षक पवन प्रजापति से संपर्क किया, जिस पर प्रजापति ने 15 हजार रुपए ले लिए और बाकी 15 हजार रुपए बाद में देने की बात कही।
प्रकरण में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत लोकायुक्त पुलिस स्थापना इंदौर में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की विवेचना जारी है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार और आदित्य भदौरिया शामिल रहे।





