
EOW Action: पेयजल योजना घोटाले में करोड़ों की अनियमितता पर 2 पूर्व अध्यक्षों और 3 CMO समेत कई के खिलाफ प्रकरण दर्ज
बड़वानी : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना में कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इंदौर ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई अंजड़ नगर परिषद के तत्कालीन दो अध्यक्षों, तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों , इंजीनियर, कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी के प्रोपराइटर और ठेकेदार के खिलाफ की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष मंजुला पाटीदार और पुष्पा परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र सिंह परमार, अमरदास सेनानी और मयाराम सोलंकी, इंजीनियर महेश पटेल तथा लेखा कर्मचारी हुकुमचंद मालवीय ने कंपनी के प्रोपराइटर परेश सोरठिया और कॉन्ट्रैक्टर मीनष मकवाना के साथ मिलीभगत कर टेंडर शर्तों का उल्लंघन करते हुए भुगतान किया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की क्षति हुई।
प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक न्यासभंग तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में अंजड़ नगर में घर-घर नल कनेक्शन देने के लिए सरकार द्वारा 12.20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसी वर्ष ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी कंपनी सोरठिया वेल जी रत्ना एन्ड कम्पनी को कार्य सौंपा गया था।
टेंडर की शर्तों के अनुसार, कंपनी को 18 माह के भीतर लगभग 2700 घरों में जल वितरण का कार्य पूरा करना था। साथ ही, कार्य में देरी या अधूरा रहने की स्थिति में बिल राशि का 10 प्रतिशत दंड लगाने का प्रावधान भी था।
जांच में सामने आया है कि परियोजना आज भी अधूरी है और ठेकेदार द्वारा कोई पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद सभी की मिली भगत के चलते लगभग 10.20 करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी को बिना किसी दंड के कर दिया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि दस्तावेजों में कई अनियमितताएं हैं, जिनमें जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर का अभाव और मापन पुस्तिका व कैशबुक में गड़बड़ियां शामिल हैं।
EOW इंदौर द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।





