BJP नेता नंद कुमार साय की अपील – आदिवासी 5 बच्चे पैदा करें, धर्म कोड में आदिवासी ही लिखें

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BJP नेता नंद कुमार साय की अपील – आदिवासी 5 बच्चे पैदा करें, धर्म कोड में आदिवासी ही लिखें

विनोद काशिव की रिपोर्ट

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नंदकुमार साय ने आदिवासी परिवारों से कहा है कि 5 बच्चें पैदा करें। धर्म कोड में आदिवासी ही लिखें।
नंद कुमार साय के बयान के बाद देशभर में आदिवासी राजनीति गरमा सकती है. क्योंकि साय ने खुले तौर पर आदिवासी जनसंख्या बढ़ाने 5 बच्चे पैदा करने की वकालत की है, तो वहीं जनगणना के दौरान धर्म कोड में आदिवासी ही लिखने की अपील भी की है.

साय ने यह बातें बीते दिनों रायपुर में आयोजित सर्व आदिवासी समाज की बैठक में कही. साय ने कहा कि भारत सरकार की ओर से एक नारा दिया गया था- हम दो, हमारे दो. इसका सर्वाधिक पालन आदिवासी समाज ने किया और इसका नुकसान भी आदिवासी समाज को हुआ. धीरे-धीरे आज आदिवासियों की आबादी देश में कम होती जा रही है. कम होती आबादी समाज के लिए चिंताजनक है. इसे रोकने के लिए अधिक से अधिक बच्चें पैदा करने की आवश्यकता है.

आदिवासी परिवार को कम से कम 5 बच्चें पैदा करना होगा. आबादी अधिक रहेगी तो समाज बड़ा रहेगा. समाज रहेगा तो शक्तियाँ रहेंगी. आदिम संस्कृति-सभ्यता, रीति-रिवाज, रूढ़िवादी परंपराएं बची रहेंगी. यही नहीं भारत सरकार की ओर जनगणना की शुरुआत भी कर दी गई. इस वर्ष जातिगत जनगणना भी हो रही है. जनगणना के बाद परिसीमन भी होगा. परिसीमन के आधार पर विधानसभा और लोकसभा की सीटें तय होंगी. इसके लिए आदिवासी समाज को तैयार रहना चाहिए. समाज को सतर्क भी रहने की आवश्यकता है. क्योंकि जनगणना के दौरान बड़ा खेल हो सकता है. छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का प्रतिशत 32 है. इसे आगे भी रहना चाहिए. इसे किसी भी साजिश के तहत कम न किया जाए. इसके लिए भी समाज को सजग रहने की आवश्यकता है. क्योंकि आदिवासी प्रतिशत कम होने से लोकसभा और विधानसभा की सीटें प्रभावित हो सकती हैं. 2002 में परिसीमन के बाद छत्तीसगढ़ में 5 सीटें कम हो गई थी. लोकसभा की सीटें घटने वाली थी. कांकेर सीट को बड़ा विरोध कर बचा पाए थे. हमारे खिलाफ षड़यंत्र करने के लिए लोग हर स्तर पर खड़े हैं. इसके लिए हमें तैयार रहना होगा. सजग रहने से ही काम नहीं चलेगा, भविष्य में बड़ी लड़ाई भी लड़नी होगी.