
Message of Protecting Human Rights : डा. अंबेडकर ने समानता, न्याय और मानवाधिकारों के रक्षण का संदेश दिया: न्यायाधीश नीना आशापुरे!
Ratlam : भारतीय संविधान के शिल्पी डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर जिला अभिभाषक संघ के तत्वावधान में संघ के नवीन सभागार में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे, अध्यक्षता अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व उप संचालक अभियोजन एडवोकेट कैलाश व्यास तथा विशेष अतिथि विशेष न्यायाधीश रविंद्र प्रताप सिंह चुंडावत रहे।
शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के पूजन, दीप प्रज्वलन तथा बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत भाषण संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि नीना आशापुरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर बहुआयामी प्रतिभा के धनी महान व्यक्ति थे। जिन्होंने समानता, न्याय एवं मानवाधिकारों की रक्षा हेतु जीवनपर्यंत संघर्ष किया।

मुख्य वक्ता एडवोकेट कैलाश व्यास ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन को संघर्ष और तपश्चर्या की प्रेरणादायक यात्रा बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत एवं असमानता के विरुद्ध शिक्षा, संगठन एवं संघर्ष का प्रभावी संदेश दिया। साथ ही उन्होंने विधि, अर्थशास्त्र, राजनीति एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाया। इस अवसर पर अभिभाषक बीएल हरोड़ एवम ओमप्रकाश बोरसिया ने भी अपने-अपने विचार रखें। कार्यक्रम के दौरान जिले में नवागत न्यायाधीशगण एवं नवनियुक्त लोक अभियोजक सुरेश वर्मा, अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह, सौरभ सक्सेना एवं विवेक उपाध्याय का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
उपाध्यक्ष सुनील जैन द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया। इस अवसर पर पुस्तकालय सचिव सुनीता वासनवाल सहित संघ के पदाधिकारी, न्यायाधीशगण एवं अभिभाषक बड़ी संख्या में उपस्थित रहें, संचालन सचिव चेतन केलवा ने तथा आभार सहसचिव बिरेन्द्र कुलकर्णी ने माना!





