MP News: 15 साल पुरानी 280 यात्री बसों पर सख्त एक्शन: 187 के परमिट निरस्त, 39 बसें जप्त

68

MP News: 15 साल पुरानी 280 यात्री बसों पर सख्त एक्शन: 187 के परमिट निरस्त, 39 बसें जप्त

54 बसों की फिटनेस निरस्त, प्रदेशभर में यातायात पुलिस और ग्रामीण थाने कर रहे कार्रवाई

भोपाल: प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही पंद्रह साल पुरानी यात्री बसें दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। परिवहन विभाग अब ऐसी खस्ताहाल बसों को चलन से बाहर करेगी। पूरे प्रदेशभर में ऐसी 280 बसों के विरुद्ध परिवहन विभाग ने कार्यवाही की है। पंद्रह साल पुरानी 39 बसें जप्त की गई है।187 बसों के परमिट निरस्त करने की कार्यवाही की गई है। वहीं 54 बसों के फिटनेस निरस्त कर दिए गए है।

परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही पंद्रह साल पुरानी बसों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है। परिवहन विभाग की जानकारी में आया था कि प्रदेश में यात्री बसों की जो भी दुर्घटनाएं हुई है वे अधिकांश पुरानी बसें है। मध्यप्रदेश मोटरयान नियम के पालन में अब पंद्रह वर्ष पुरानी बसों को परमिट नहीं दिए जा रहे है। परिवहन विभाग ने प्रदेश में संचालित हो रही ऐसी 280 बसें चिन्हित की है जो पंद्रह वर्ष से अधिक पुरानी है। इन बसों के परमिट पर नियमानुसार निर्धारित आयु सीमा की दूसरी बसें प्रतिस्थापित की जा रही है। ऐसी बसें संचालित होती पाई गर्ठ तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए सभी परिवहन कार्यालयों और परिवहन चेकपोस्टों को निर्देशित किया गया है।

स्टेट कैरेज के परमिट पर संचालित हो रही पंद्रह वर्ष पुरानी बसों को नई बसों से प्रतिस्थापित करने के लिए सभी परिवहन अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यातायात पुलिस और ग्रामीण थानों को भी इनके विरुद्ध जांच कर कार्यवाही करने को कहा गया है। वाहनों की चेकिंग में ऐसी बसों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है।

सीएम हेल्पलाईन में 93 फीसदी शिकायतों पर कार्रवाई

सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त होने वाली परिवहन विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर के परिवहन कार्यालयों को कुल 30213 शिकायतें सीएम हेल्पलाईन से मिली थी। इनमें से 93.89 शिकायतें कार्यवाही कर बंद कराई गई है। इनमें से 86.55 अर्थात 26515 शिकायतें संतुष्टिपूर्वक बंद कराई गई है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने सभी परिवहन कार्यालयों में सीएम हेल्पलाईन शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जाने के निर्देश दिए है। इन शिविरों में शिकायतकर्ताओं को समक्ष में बुंलाकर उनकी शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है।