कोरबा में CSEB का राखड़ बांध फूटा, राख के दलदल में जिंदा दबा JCB ऑपरेटर, मच गया हड़कंप

निरीक्षण के लिए पहुंचे चीफ इंजीनियर देवनाथ की मौजूदगी में ही डेम अचानक फूट गया

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कोरबा में CSEB का राखड़ बांध फूटा, राख के दलदल में जिंदा दबा JCB ऑपरेटर, मच गया हड़कंप

कोरबा। कोरबा जिले में एक बार फिर राखड़ डेम हादसे ने सनसनी फैला दी है। यहां एचटीपीपी का झाबू राखड़ डेम अचानक फूट गया, जिससे वहां काम कर रहा एक JCB ऑपरेटर राख के भारी मलबे में दब गया।

हालात इतने चौंकाने वाले रहे कि निरीक्षण के लिए पहुंचे चीफ इंजीनियर देवनाथ की मौजूदगी में ही डेम अचानक फूट गया। देखते ही देखते राख का सैलाब छूट गया और मौके पर काम कर रहा एक जेसीबी ऑपरेटर उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डेम के एक हिस्से में अचानक दबाव बढ़ा और देखते ही देखते राख का सैलाब बह निकला। JCB मशीन संभाल रहा ऑपरेटर कुछ समझ पाता, उससे पहले ही राख के दलदल ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का बहाव इतना ज्यादा था कि ऑपरेटर मशीन सहित दब गया।दसे के बाद पूरे प्लांट क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

प्रबंधन और सुरक्षा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई हैमिली

जानकारी के अनुसार, डेम की निगरानी और कामकाज की जिम्मेदारी ईई चंचल ध्रुव और एई चंद्रहास साहू के पास है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर काम भी करवा रहे थे। इसके बावजूद डेम का यूं अचानक टूट जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर थे, तो सुरक्षा मानकों में ऐसी कौन सी चूक हुई जिसने एक मजबूत माने जाने वाले राखड़ डेम को पलभर में ढहा दिया। क्या निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, या फिर तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया गया?इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन की पोल खोल दी है।

सवाल उठ रहा है कि आखिर राखड़ डेम की निगरानी और सुरक्षा इंतजाम इतने कमजोर क्यों हैं, और मजदूरों की जान के साथ यह लापरवाही कब तक जारी रहेगी?

इस घटना ने कोरबा के समूचे बिजली प्रबंधन तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक तरफ राख का सैलाब खेतों और पर्यावरण को तबाह कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक परिवार का चिराग बुझ गया है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और अब मांग केवल ‘जांच’ की नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की है, जिनकी आंखों के सामने यह तांडव हुआ।