शराब दुकानों के ठेकों से राजस्व में इंदौर अव्वल, भोपाल दूसरे स्थान पर

पिछले साल के वार्षिक मूल्य से 61 फीसदी ज्यादा राजस्व देकर मैहर जिला प्रदेश में अव्वल

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शराब दुकानों के ठेकों से राजस्व में इंदौर अव्वल, भोपाल दूसरे स्थान पर

भोपाल: मध्यप्रदेश में शराब की सभी 3 हजार 553 दुकानों के ठेके आवंटित हो गए है। शराब की दुकानों के ठेके से राज्य सरकार को इस साल 18 हजार 679 करोड़ 39 लाख रुपए प्राप्त होंगे। संपूर्ण ठेके पिछले साल के ठेका मूल्य से 12.3 प्रतिशत अधिक पर गए है। अन्य स्रोतों से भी सत्रह सौ 75 करोड़ से अधिक की आय होगी। शराब दुकानों के ठेकों में जो आफर स्वीकृत हुए है उसमें कमाई का सर्वाधिक हिस्सा इंदौर जिले से प्राप्त होगा। यहां की 173 शराब दुकानें इस वर्ष के आरक्षित मूल्य 2102.43 करोड़ से अधिक पर 2184.76 करोड़ रुपए में गई है। यह ठेके पिछले साल के वार्षिक मूल्य से 24.50 प्रतिशत अधिक पर गए है।

भोपाल जिला कुल कमाई में दूसरे नंबर का हिस्सेदार है। यहां की 87 दुकानों से 1206 करोड़ 25 लाख रुपए की आय होगी पिछले साल के ठेकों से यह 1.09 प्रतिशत अधिक है। वहीं मैहर जिले की 16 दुकानों के ठेके पिछले साल के वार्षिक मूल्य से 61.02 प्रतिशत अधिक पर गए है यह प्रदेश में सर्वाधिक है। यहां इस वर्ष के आरक्षित मूल्य 97 करोड़ के विरुद्ध 130.16 करोड़ रुपए की आय होगी।

आबकारी विभाग ने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के नेतृत्व में इस बार धैर्य के साथ सभी 3 हजार 553 शराब दुकानों का आवंटन करने में सफलता हासिल की है। वित्त विभाग ने इस वर्ष आबकारी विभाग को 20279 करोड़ के राजस्व संग्रहण का लक्ष्य दिया थ। इससे आबकारी विभाग ने पार करते हुए 20 हजार 481 करोड़ का राजस्व अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है।

आबकारी दुकानों से अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने में इंदौर अव्वल रहा है। इंदौर से 432 करोड़ अतिरिक्त राजस्व आबकारी विभाग को मिला है। यह कुल राजस्व का 21 प्रतिशत है।

इस बार के शराब ठेकों में मैहर जिला गत वर्ष के वार्षिक मूल्य से 61.02 प्रतिशत वृद्धि के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। मंडला दूसरे स्थान पर है यहां 51.92 प्रतिशत अधिक पर ठेके गए है। सीधी तीसरे स्थान पर है यहां के ठेके पिछले साल के ठेका मूल्य से 50.53 प्रतिशत अधिक पर गए है।