Ratlam Police Achievement सीसीटीएनएस रैंकिंग में रतलाम जिले को मिला प्रथम स्थान!

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Ratlam Police Achievement सीसीटीएनएस रैंकिंग में रतलाम जिले को मिला प्रथम स्थान!

Ratlam : मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी मासिक रैंकिंग में रतलाम पुलिस ने सीसीटीएनएस (CCTNS – Crime and Criminal Tracking Network and Systems) के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। A-श्रेणी के जिलों में, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में थानों में डिजिटल तकनीक, एफआईआर (FIR) और चालान की गुणवत्तापूर्ण प्रविष्टि के कारण यह उपलब्धि मिली है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार के मार्गदर्शन में रतलाम पुलिस द्वारा तकनीकी सेवाओं के प्रभावी उपयोग के परिणामस्वरूप राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी मासिक रैंकिंग में वर्ष 2026 में ‘A’ श्रेणी के जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है। यह उपलब्धि जिले में

अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियों के सुनियोजित क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं टीम वर्क का प्रतिफल है।

जिले के सभी थानों में सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) सॉफ्टवेयर का व्यापक एवं प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से एफआईआर पंजीयन से लेकर विवेचना एवं चालान प्रस्तुत करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इससे कार्य में पारदर्शिता, रिकॉर्ड संधारण की गुणवत्ता एवं समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

सीसीटीएनएस के माध्यम से आपराधिक रिकॉर्ड का त्वरित सर्च संभव हुआ है, जिससे फरार अपराधियों एवं स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। साथ ही, आईसीजेएस (Inter-operable Criminal Justice System) के उपयोग से अन्य जिलों एवं राज्यों में दर्ज प्रकरणों की जानकारी शीघ्रता से प्राप्त कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

रतलाम पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य ऐप, ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-एफएसएल एवं ई-विवेचना जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। ई-साक्ष्य के माध्यम से घटनास्थल की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी को साक्ष्य के रूप में व्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया में साक्ष्यों की गुणवत्ता मजबूत हुई है।

ई-प्रॉसिक्यूशन के जरिए विधिक राय एवं स्क्रूटनी की प्रक्रिया तेज एवं सटीक बनी है, जबकि ई-एफएसएल से फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर प्राप्त होने लगी हैं, जिससे विवेचना में गति आई है। ई-विवेचना हेतु प्रदत्त टैबलेट्स के उपयोग से फील्ड स्तर पर भी डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिला है। ऑनलाइन ई-समंस एवं वारंट प्राप्त होने से उनकी तामीली में लगने वाला समय कम हुआ है और कार्य में दक्षता आई है।

इसी प्रकार ऑनलाइन एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने से रिपोर्ट की स्पष्टता एवं संधारण में सुविधा हुई है। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं सटीकता पर विशेष ध्यान दिए जाने के कारण रतलाम पुलिस ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में जिला तृतीय स्थान पर रहा, फरवरी 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा मार्च 2026 की रैंकिंग में ‘ए’ श्रेणी के जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया है।

जिला मुख्यालय पर पदस्थ सीसीटीएनएस टीम, जिसमें प्रधान आरक्षक बलराम पाटीदार, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह बिष्ट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लोमेश शर्मा एवं प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) सपना भाटिया शामिल हैं, द्वारा 24 घंटे थानों के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। यह टीम नियमित रूप से थानों का भ्रमण कर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर संबंधी समस्याओं का समाधान करती है तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं!