साइबर ठगी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए MP में 5 IAS समेत 8 अफसरों को दी जिम्मेदारी, ACS होम करेंगे लीड

छलपूर्वक धन जुटाने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों पर अब प्रभावी कार्यवाही होगी

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साइबर ठगी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए MP में 5 IAS समेत 8 अफसरों को दी जिम्मेदारी, ACS होम करेंगे लीड

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब आमजन से छलपूर्वक धन जुटाने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों की खैर नहीं है। ऐसे ठगों के खिलाफ समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए पांच आईएएस अफसरों सहित आठ अफसरों को जिम्मेदारी सौपी गई है। इन अफसरों को एसीएस होम लीड करेंगे।

मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आम लोगों को लालच देकर, डराकर या उनकी लापरवाही का फायदा उठाकर सायबर ठग आमजन के बैंक खाली कर रहे है। कभी ओटीपी जानकर, कभी अन्योन लिंक भेजकर, कभी एपीके फाइल डाउनलोड कराकर, रियायती दरों पर कर्ज का लालच देकर, निवेश योजनाओं में जल्दी धनवृद्धि के टिप्स देकर, वाट्सएप ग्रुपों में फर्जी धनवृद्धि दिखाकर पूरी कमाई हजम करने वाले बढ़ गए है। कभी लोगों को डराकर कि आपके बैंक खाते का दुरुपयोग हवाला में हुआ है।

एयरपोर्ट पर आपके नाम से आई सामग्री में ड्रग्स निकली है। आपके पुत्र,पुत्री अनियमितता में लिप्त पाए गए है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, ऐसे डर दिखाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके भी ठग लोगों की कमाई हजम कर रहे है। आमजन जानकारी के अभाव में ऐसे लालच, डर में आकर या लापरवाही से मित्रों के फर्जी जरुरतों के संदेशों को मानते हुए अनजाने खातों में राशि ट्रांसफर कर रहे है, बाद में वे ठगे जाते है। कई बार सस्ती प्रापर्टी के लालच में भी लोग अनजाने लोगों के साथ निवेश करते हुए ठगे जाते है।

अब ऐसे सभी मामलों में ठगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी. समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में वित्तीय क्षेत्र के नियामकों एवं विधि प्रवर्तन प्राधिकरणों के मध्य समन्वय करने के उद्देश्य से गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति के प्रस्ताव पर राज्य में वित्तीय जागरुकता के प्रसार के लिए उपसमूह गठित किया गया है। इस समूह में अपर मुख्य सचिव गृह शिवशेखर शुक्ला को अघ्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य बनाए गए है। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग भी इस समूह के सदस्य होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नामित अधिकारी इस समूह के सदस्य सचिव और समन्वयक होंगे।

यह समूह जनसामान्य में वित्तीय साक्षरता एवं जागरुकता के लिए रणनीति और कार्ययोजना तैयार करेगा। इस उपसमूह की बैठक अर्द्धवार्षिक आधार पर आयोजित की जाएगी।