
Pledge to Donate Body : 80 वर्षीय श्रीमती कुसुमलता मूणत ने लिया देहदान का संकल्प!
तीन पीढ़ियों तक मानवता का संदेश!
Ratlam : शहर की जैन कॉलोनी निवासी एवं भारतीय रेडक्रास सोसायटी के डायरेक्टर एवं समाजसेवी हेमंत मूणत की 80 वर्षीय माताजी श्रीमती कुसुमलता मूणत ने मानवता, सेवा और सामाजिक जागरूकता की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए अपनी देहदान का संकल्प लेकर समाज के सामने प्रेरणा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।आपको बता दें कि उनके जीवन में सेवा संस्कार वर्षों से जुड़े रहे हैं। लगभग 40 वर्ष पूर्व उनके पूज्य पिताजी समरथमल बोहरा (बड़नगरवाला) का नेत्रदान किया गया था। जिसने परिवार में मानव सेवा की भावना को मजबूत आधार दिया।
इसके पश्चात 4 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने स्वर्गीय पति श्री नेमीचंद मूणत के नेत्रदान का निर्णय लेकर 2 व्यक्तियों के जीवन में रोशनी पहुंचाने का पुण्य कार्य किया। इसके बाद अब स्वयं ने देहदान का संकल्प लेकर सेवा और संवेदनशीलता की इस परंपरा को और ऊंचाईयां प्रदान की है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रतलाम, नेत्रम संस्था एवम काकानी सोशल वेलफेयर की प्रेरणादायी गतिविधियों से प्रभावित होकर श्रीमती मूणत ने यह निर्णय लिया। उनका मानना है कि मृत्यु के पश्चात भी मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं जरूरतमंदों के लिए उपयोगी बन सके, तो जीवन सार्थक हो जाता है।
श्रीमती कुसुमलता मूणत का यह कदम केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील बनाने वाला संदेश है। उनके इस प्रेरणादायक संकल्प से अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अनेक लोग मानव सेवा के इस महाअभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। शहर के सामाजिक संगठनों एवं परिवारजनों ने उनके इस निर्णय को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए भावभीनी सराहना की है। समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा कि ऐसे प्रेरक उदाहरण ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं!





