
पंडित कमल किशोर नागर की श्रीमद्भागवत कथा, भव्य कलश यात्रा और चल समारोह के साथ हुई प्रारंभ!
राजेश सोनी की रिपोर्ट
झाबुआ : जिले के मेघनगर स्थित प्रसिद्व पावन तीर्थ वनेश्वर मारूति नंदन कुटीर हनुमान मंदिर फुटतालाब में मालवा माटी में मां सरस्वती के वरद पुत्र एवं 200 गौशालाओं के संचालक सच्चे गौसेवक प्रसिद्व संत श्री कमल किशोर नागर के मुखारविन्द से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन प्रारंभ हुआ। इसके पूर्व मेघनगर से भव्य कलश यात्रा एवं बैण्डबाजों के साथ विशाल चल समारोह निकाला गया। जिसका समापन कथास्थल पर हुआ। कलश यात्रा एवं चल समारोह का नगर के प्रमुख स्थानों पर सामाजिक धार्मिक और राजनीतिक संगठनों सहित नगर परिषद द्वारा पुष्पवर्षा और जलपान की व्यवस्था कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कथा का आयोजन 16 मई तक दोपहर 12 बजे से होगा।

कथा के प्रथम दिन पंडित नागर जी ने मार्मिक और प्रेरक प्रवचन दिए। उन्होंने जीवन में पाप और पुण्य के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि मनुष्य बीमार या दुखी हैं तो पड़ोसी, रिश्तेदार और स्वयं परमात्मा भी उसकी मदद के लिए आगे आते हैं, लेकिन यदि मनुष्य दोषी हैं तो उसे कहीं भी सहायता या ईश्वर का साथ नहीं मिलता।

उन्होने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के सभी पाप नष्ट होते है और जीवन में सुख शांति आती है। उन्होंने शुक्रदेव-परीक्षित संवाद, धुव्र चरित्र और प्रहलादचरित्र का मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आयोजन समिति प्रमुख , समाजसेवी सुरेशचंद्र पूरणमल जैन ने पंडित कमल किशोर नागर का अभिनंदन किया। जैन ने इस अवसर पर कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद फुटतालाब की पावन धरा पर नागर जी की कथा का योग बना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक कथा श्रवण के लिए पधारने का विनम्र आग्रह किया। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था भी की गई हैं!





