दिल्ली में अमित शाह से कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात, बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

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दिल्ली में अमित शाह से कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात, बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

 

इंदौर: प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है। बंगाल में भाजपा की मजबूत स्थिति और हालिया जीत के बाद उनकी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सोमवार को उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर जीत की बधाई दी। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दरअसल, बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने में विजयवर्गीय की भूमिका लंबे समय से अहम मानी जाती रही है। जब पार्टी ने उन्हें बंगाल का प्रभारी बनाया था, उस समय कई क्षेत्रों में भाजपा का संगठन वार्ड और मंडल स्तर तक कमजोर था। उन्होंने लगातार जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम किया।

वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर राज्य में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। हालांकि सरकार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने बनाई थी, लेकिन भाजपा का प्रदर्शन ऐतिहासिक माना गया। इसके बाद लोकसभा चुनावों में भी पार्टी ने बंगाल में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की वर्तमान स्थिति की नींव करीब छह साल पहले विजयवर्गीय ने ही रखी थी। उनके प्रयासों से कई बड़े नेता भाजपा में शामिल हुए, जिनमें शुभेंदु अधिकारी का नाम प्रमुख है। हालांकि बाद में कुछ नेता वापस तृणमूल कांग्रेस में लौट गए, लेकिन भाजपा का संगठन लगातार मजबूत होता गया।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने विजयवर्गीय को इंदौर-1 सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां से जीतकर वे प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। अब माना जा रहा है कि वे संगठन में फिर किसी नई और बड़ी भूमिका की इच्छा रखते हैं।

चुनाव के दौरान वे खुद पर दर्ज मामलों के कारण बंगाल नहीं जा सके थे। इसकी पीड़ा उन्होंने रतलाम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान भी व्यक्त की थी। इसके बावजूद बंगाल में भाजपा की मजबूती में उनकी रणनीतिक भूमिका को पार्टी के भीतर अहम माना जा रहा है।