
Councillor Questions Security, Traffic Arrangements : रतलाम में बगैर अनुमति लग रहा ‘ड्रीम वर्ल्ड मेला’? पार्षद ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल??
Ratlam : शहर के 80 फीट रोड पर वार्ड क्रमांक 9 क्षेत्र में आयोजित हो रहें ड्रीम वर्ल्ड मेले को लेकर विवाद गहराता जा रहा हैं। क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती निशा, पवन सोमानी ने नगर पालिक निगम आयुक्त को शिकायती पत्र लिखकर मेले के आयोजन की वैधानिकता और वहां सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला एवं निगम प्रशासन की होगी।
पार्षद श्रीमती निशा सोमानी ने पत्र में उल्लेख किया है कि 80 फीट रोड नगर निगम द्वारा पूर्ण रूप से विकसित की गई है, जहां पेवर ब्लॉक लगे हैं और यह क्षेत्र शहरवासियों के घूमने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। मेले के संबंध में उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर जवाब मांगा है।
श्रीमती निशा सोमानी ने जारी पत्र में पूछा कि क्या इतने बड़े स्तर पर आयोजित हो रहें मेले और व्यवसायिक दुकानों के लिए नगर निगम से विधिवत स्वीकृति ली गई है? मेले में बड़े झूले और चकरी संचालित हो रहें हैं, लेकिन दुर्घटना से बचाव के लिए आयोजकों द्वारा क्या सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहें हैं, जिससे फुटपाथ और सड़क पर वाहनों का जमावड़ा लग रहा हैं। ऑटो रिक्शा और चार पहिया वाहनों के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है। मेले के सामने भी नियमों को तांक में रखकर दुकानों का संचालन हो रहा है, जिससे अव्यवस्था बढ़ रही है। आपात स्थिति में जनहानी रोकने के लिए फायर ब्रिगेड, फायर सेफ्टी उपकरणों और पुलिस प्रशासन की क्या व्यवस्था सुनिश्चित की गई है???

पिछले वर्ष भी दी गई थी चेतावनी!
पार्षद ने पत्र में यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष 23 अप्रैल 2025 को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया था। उन्होंने मांग की है कि छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए।
पार्षद ने स्पष्ट किया हैं कि यदि यातायात बाधित होता है या मेले में कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इस ‘अति आवश्यक’ पत्र पर क्या कार्रवाई करता हैं या निगम के कानून कायदों की धज्जियां उड़ाई जाती रहेगी…..???





