Khargone News: तांगे पर सवार हुए केमिस्ट, ई-फार्मेसी के खिलाफ निकाली अनोखी रैली,तांगे, ई-रिक्शा और ई-बाइक से शहर में किया प्रदर्शन

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Khargone News: तांगे पर सवार हुए केमिस्ट, ई-फार्मेसी के खिलाफ निकाली अनोखी रैली,तांगे, ई-रिक्शा और ई-बाइक से शहर में किया प्रदर्शन

खरगोन :मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय में बुधवार को मेडिकल व्यवसायियों का विरोध प्रदर्शन पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। आमतौर पर बाइक और कारों से रैली निकालने वाले केमिस्ट इस बार अनोखे अंदाज में तांगे, ई-रिक्शा और ई-बाइक पर सवार होकर सड़कों पर उतरे। विरोध का यह तरीका न केवल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि इसमें ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी छिपा था।

देशव्यापी हड़ताल के तहत जिला मुख्यालय पर केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन फार्मेसी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील का हवाला देते हुए तांगे और बैटरी चालित वाहनों से कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। रास्तेभर मेडिकल व्यवसायी नारे लगाते रहे— “हम सरकार के साथ, सरकार भी दे हमारा साथ।”

रैली में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र घोड़ों से सजे तांगे रहे। शहरवासियों ने लंबे समय बाद मुख्य सड़कों पर तांगों की कतार देखी। तांगों पर बैठे मेडिकल व्यवसायियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई। ई-रिक्शा और ई-बाइक पर निकले युवा व्यवसायियों ने इसे “डिजिटल खतरे के खिलाफ पारंपरिक विरोध” बताया।

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कलेक्ट्रेट पहुंचकर केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से न केवल छोटे मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित निगरानी और सत्यापित प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयों की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे प्रतिबंधित और नशीली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

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जिलेभर में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। करीब 600 मेडिकल दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। हालांकि अस्पताल और नर्सिंग होम से जुड़ी मेडिकल दुकानें इमरजेंसी सेवाओं के लिए खुली रहीं।

जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दवाओं की बिक्री के स्पष्ट नियम हैं, लेकिन ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां इनकी अनदेखी कर रही हैं। उनका आरोप है कि ऑनलाइन बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता और वैधता पर किसी प्रकार की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो रही।

प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष लोकेंद्र छाजेड़, सचिव शैलेष महाजन, अनिल महाजन, अश्विन महाजन, सचिन जैन और मुकेश महाजन सहित बड़ी संख्या में मेडिकल व्यवसायी मौजूद रहे। शहर में निकली यह अनोखी “तांगा रैली” पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।

उधर, बड़वानी जिले में भी करीब 400 दवा दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रख हड़ताल को समर्थन दिया।