An Example of Humanity even After Death : समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल का निधन, परिजनों की स्वेच्छा से हुआ नेत्रदान!

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An Example of Humanity even After Death : समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल का निधन, परिजनों की स्वेच्छा से हुआ नेत्रदान!

Ratlam : शहर की हनुमान रुंडी निवासी स्वर्गीय समरथमल अग्रवाल के सुपुत्र शंकरलाल अग्रवाल के निधन के पश्चात नेत्रम संस्था के ओमप्रकाश अग्रवाल, उमेश अग्रवाल रस्सीवाला ने उनके सुपुत्र अश्विनी, निशिकांत अग्रवाल एवं अन्य परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर अनीता मुथा को सूचना दी गई।

डॉ. मुथा के निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में डॉ. सौरभ पांडे एवं नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाहा ने जीवन के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण कराने हेतु नेत्रम संस्था के सदस्य आशीष काबरा ने शीतल भंसाली के सहयोग से वाहन व्यवस्था उपलब्ध कराई। उन्होंने टीम को दिवंगत के निवास स्थान से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने तथा वापस लाने की जिम्मेदारी भी निभाई।

इस अवसर पर ओमप्रकाश अग्रवाल, शीतल भंसाली, आशीष काबरा, नवनीत मेहता, प्रशांत व्यास, शलभ अग्रवाल, सुशील (मीनू) माथुर, गिरधारीलाल वर्धानी, उमेश अग्रवाल, गिरीश मालपानी, कुंदन सोनी, अरुण अग्रवाल, जयंतीलाल कटारिया, आशीष मित्तल, शैलेन्द्र सुरेका, अंजू गर्ग एवं सपना झंडीवाला मौजूद रहें!

अंत में नेत्रम संस्था एवं मेडिकल कॉलेज द्वारा परिजनों को प्रशस्ति-पत्र भेंट कर उनकी उदारता, संवेदनशीलता एवं मानवता के प्रति समर्पण का सम्मान किया गया। संस्था ने इस पुनीत कार्य के लिए परिजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज से भी नेत्रदान के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

मृतात्मा शंकरलाल अग्रवाल को मीडियावाला परिवार की और से विनम्र श्रद्धांजलि, सादर नमन!