Delhi-Mumbai Blast Conspiracy Foiled : राजधानी की स्पेशल सेल ने आतंकी दबोचे नेपाल, पंजाब और मुंबई तक जुड़े हैं तार, इंटरनेशनल अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़!

जानिए देश को दहलाने की साजिश रचने वाले पकड़े गए इन शूटरों की कहानी!

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Delhi-Mumbai Blast Conspiracy Foiled : राजधानी की स्पेशल सेल ने आतंकी दबोचे नेपाल, पंजाब और मुंबई तक जुड़े हैं तार, इंटरनेशनल अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़!

New Delhi : पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के इशारे पर दिल्ली और मुंबई को दहलाने की एक बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है। इस सिलसिले में 9 संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी की गई हैं। इन आतंकियों को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और अहम मंत्रालयों पर हमले करने का जिम्मा सौंपा गया था। इनके पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान स्थित आकाओं और दाऊद इब्राहिम के मुंबई अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं।

आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के जवानों की मुस्तैदी से 30 मई 26 की रात करीब 1 बजे, महरौली-बदरपुर रोड पर खुफिया और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पंजाब से दिल्ली में घुसे ऐसे तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया हैं। गिरफ्तार आतंकी हथियारों और ग्रेनेड से पूरी तरह लैस थे। पकड़े गए इन शूटरों में हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह के पास से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने 4 हैंड ग्रेनेड, 2 मेड-इन-पाकिस्तान ग्लॉक पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं जो राजधानी को दहलाने के मंसूबों से लाए गए थे। स्पेशल सेल की इस बड़ी कामयाबी ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, जिसके तार दिल्ली से लेकर मुंबई और विदेशों तक जुड़े हैं। देशव्यापी ऑपरेशन में पुलिस ने अब तक कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।

 

पकड़े गए ये सभी गुर्गे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI), दुबई में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी और डी-कंपनी यानी दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी माने जाने वाले मुन्ना झींगड़ा और यावर खान के इशारे पर काम कर रहें थे। इनका मकसद दिल्ली और मुंबई की महत्वपूर्ण इमारतों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों पर ग्रेनेड हमलों और अंधाधुंध फायरिंग की वारदातों को अंजाम देना था। छोटा राजन पर हमला करने वाले ‘मुन्ना झींगड़ा’ से जुड़े तार इस टेरर मॉड्यूल के पीछे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के उस कुख्यात शूटर मुन्ना झींगड़ा का दिमाग काम कर रहा है, जिसने साल 2000 में बैंकॉक (थाईलैंड) में घुसकर छोटा राजन पर जानलेवा हमला किया था और इस जुर्म में राजन ने 17 साल तक थाईलैंड की जेल में सजा काटी थी। स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान से मुन्ना झींगड़ा, शहजाद भट्टी और यावर खान मिलकर ऑपरेट कर रहे थे।

 

मुंबई से गिरफ्तार किए गए 2 आतंकी तौकीर रिजवान अहमद शेख और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान को मुंबई के ही हुजैफा नाम के 1 फरार आरोपी ने इस नेटवर्क में शामिल किया था जो सीधे पाकिस्तान के आकाओं के संपर्क में था। पंजाब के तीनों शूटरों की गिरफ्तारी के बाद मिली तकनीकी लीड के आधार पर स्पेशल सेल ने दिल्ली से एक 66 वर्षीय नेपाली नागरिक लामा आंग कामी को भी दबोचा हैं। आंग कामी को मुन्ना झींगड़ा ने निर्देश दिया था कि वह दिल्ली में आने वाले शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना ढूंढे और उनकी फंडिंग का इंतजाम करे। जांच में यह भी पता चला है कि नेपाली नागरिक आंग कामी वर्ष 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में एक ड्रग केस में बंद था, जहां वह पाकिस्तानी कैदी ऐजाज रसूल और मुन्ना झींगड़ा के संपर्क में आया था और जेल से बाहर आने के बाद भी उनके इशारे पर भारत में काम कर रहा था। CBI की यह बड़ी कार्रवाई पुणे से शुरू हुई थी और पहली गिरफ्तारी की कड़ी स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर अनिल शुक्ला, एडिशनल CP प्रमोद कुशवाह और DCP प्रवीण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में ACP विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज अहलावत की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस नेटवर्क की पहली कड़ी 14 मई 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) से खुली, जहां उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले विजय उर्फ शूटर (23) को गिरफ्तार किया गया। विजय से मिले इनपुट के बाद 17 मई को उसके साथी नीतीश पासवान को साहिबगंज (झारखंड) से दबोचा गया। विजय को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और दिल्ली-एनसीआर में नए लड़कों को भर्ती करने का जिम्मा सौंपा गया था।

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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे इंटरनेशनल टेरर-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल में शामिल आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया हैं और हर किसी को उनके आकाओं (मुन्ना झींगड़ा और शहजाद भट्टी) द्वारा खास टास्क सौंपा गया था। पंजाब ग्रुप में हरविंदर सिंह (28) निवासी लुधियाना, पंजाब गगनदीप सिंह (28) निवासी लुधियाना, पंजाब मनजीत सिंह (23) निवासी लुधियाना ये तीनों इस मॉड्यूल के मुख्य ‘शूटर और एग्जीक्यूशनर’ थे। इन्हें पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर दिल्ली-मुंबई की VIP इमारतों और पुलिसकर्मियों पर ग्रेनेड हमले व अंधाधुंध फायरिंग करने के लिए दिल्ली भेजा गया था। इन्हें महरौली-बदरपुर रोड से 4 पाकिस्तानी हैंड ग्रेनेड और ग्लॉक पिस्टल के साथ दबोचा गया।

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आपको बता दें कि नेपाल कनेक्शन (लॉजिस्टिक्स और फंडिंग) लामा आंग कामी (66) निवासी काठमांडू यह इस मॉड्यूल का ‘लॉजिस्टिक्स और फाइनेंस मैनेजर’ था। पाकिस्तान में बैठे दाऊद के गुर्गे मुन्ना झींगड़ा के सीधे निर्देश पर इसे दिल्ली आने वाले शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बुक करने और उनके लिए रूपए (फंडिंग) का इंतजाम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में ड्रग केस में बंद था जहां यह मुन्ना झींगड़ा का करीबी बन गया था। मुंबई ग्रुप (लोकल ऑपरेशन्स और रेकी) तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) निवासी मुंब्रा, महाराष्ट्र साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27) निवासी कुर्ला इन्हें मुंबई के ही एक फरार आरोपी हुजैफा ने आईएसआई हैंडलर यावर खान और मुन्ना झींगड़ा के इशारे पर भर्ती किया था। इनका काम मुंबई और दिल्ली में बड़े हमलों के लिए रेकी करना और स्थानीय स्तर पर टारगेट सेट करना था। यूपी-झारखंड ग्रुप (भर्ती और ग्राउंड नेटवर्क) विजय उर्फ शूटर (23) निवासी मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश (पुणे से गिरफ्तार) यह पाकिस्तान और दुबई नेटवर्क के सीधे संपर्क में था। इसका मुख्य काम दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए नए भटके हुए युवाओं को इस दल-दल में भर्ती करना था। नीतीश पासवान (23) निवासी साहिबगंज, झारखंड यह विजय उर्फ शूटर का सबसे करीबी सहयोगी था और ग्राउंड लेवल पर हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने व अन्य राज्यों के गुर्गों से ताल-मेल बिठाने में सहयोग कर रहा था!