अब सीधे मंत्री से शिकायत नहीं कर पाएंगे कॉलेज कर्मचारी व प्रोफेसर

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अब सीधे मंत्री से शिकायत नहीं कर पाएंगे कॉलेज कर्मचारी व प्रोफेसर

भोपाल: राज्य के सरकारी कॉलेजों में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारी या प्रोफेसर सर्विस से जुड़े मामलों में कोई भी शिकायत अब सीधे उच्च शिक्षामंत्री से नहीं कर पाएंगे। सरकार ने इस तरह शिकायत पर रोक लगा दी है। इसकी वजह विभागीय मंत्री के पास कर्मचारी नियमों को नजरअंदाज कर सीधे मंत्री के पास शिकायतें करने पहुंच जाते थे, जिससे काफी प्रशासनिक समस्याएं खडी हो रही थीं। इसलिए शासन ने मंत्री से सीधे शिकायतों पर रोक लगा दी है।

विभाग के अवर सचिव ने राज्य के सभी कॉलेजों के प्राचार्य को पत्र लिखकर मंत्री को सीधे शिकायतें पर रोक लगाने को कहा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि शासन को इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि कर्मचारी और अधिकारी अपने सेवा से जुड़े मामलों में भी सीधे शिकायत उच्च शिक्षा मंत्री तक भेज देते हैं। ये शिकायतें बिना जांचे परखे वापस आती हैं। उन्हें दूर करने में वक्त लगता है।

*पहले पीएस को भेजें शिकायत*

मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सारे मामले सीधे न भेजकर पहले अपने विभागाध्यक्ष और कार्यालयाध्यक्ष को भेजें। वह समस्या की गंभीरता के अनुसार शासन को अपनी टिप्पणी के साथ शिकायत आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों-अधिकारियों का सीधे पत्राचार करना न तो नियमानुकूल और न शोभनीय है।

अनुमति हुई अनिवार्य

भविष्य में कोई भी प्राध्यापक, अधिकारी एवं अन्य शासकीय सेवक विभागाध्यक्ष की लिखित अनुमति के बिना मंत्री से संपर्क करेगा अथवा सीधे पत्र लिखेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।