Demand for Installing Speed Breakers : रतलाम के नमकीन क्लस्टर क्षेत्र स्थित सडक पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग, अध्यक्ष वैभव कुमार जैन ने MPIDC महाप्रबंधक को लिखा पत्र!

बढ़ती दुर्घटनाओं पर उद्योग जगत की चिंता, अनहोनी से बचाव शीघ्र स्पीड ब्रेकर लगाने की दरकार!

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Demand for Installing Speed Breakers : रतलाम के नमकीन क्लस्टर क्षेत्र स्थित सडक पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग, अध्यक्ष वैभव कुमार जैन ने MPIDC महाप्रबंधक को लिखा पत्र!

Ratlam : शहर के करमदी रोड़ स्थित नमकीन एवं अलाइड फूड क्लस्टर में बढ़ते यातायात दबाव और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। इसी क्षेत्र से 4 लेन होने से उस मार्ग पर स्पीड से वाहनों की आवा-जाही लगी रहती हैं। क्लस्टर में 30 से अधिक युनिट्स का संचालन किया जा रहा हैं। जहां दिनभर छोटे-बड़े और भारी वाहनों की आवा-जाही लगी रहती हैं। गंभीर दुर्घटना से बचाव हेतु नमकीन एवं अलाइड फूड क्लस्टर एसोसिएशन ने MPIDC के मुख्य महाप्रबंधक (उज्जैन) को पत्र लिखकर तत्काल निराकरण की मांग की है।

एसोसिएशन अध्यक्ष वैभव कुमार जैन द्वारा लेटर-हेड पर 5 जून 26 को भेजे गए पत्र क्रमांक 26-27/07 में बताया कि यह क्लस्टर वर्तमान में रतलाम का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बन चुका है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रक, कंटेनर, लोडिंग ऑटो और कर्मचारियों के दोपहिया-चौपहिया वाहनों का आना-जाना लगा रहता हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि क्लस्टर की मुख्य और आंतरिक सड़कों पर भारी वाहनों की गति अत्यधिक और अनियंत्रित रहती है। गति नियंत्रण के लिए कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कभी भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति न सिर्फ श्रमिकों-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में भी बाधक है।

एसोसिएशन ने पत्र में MPIDC से निम्न मांगें की हैं!

क्लस्टर की मुख्य सड़कों, प्रमुख चौराहों, तीव्र मोड़ों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर मानक गुणवत्ता के स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, संबंधित स्थानों पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक बोर्ड और सड़क सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्थाएं स्थापित की जाएं, MPIDC के टेक्निकल विभाग से तकनीकी सर्वेक्षण कराकर उपयुक्त स्थानों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। जैन ने बताया कि रतलाम का नमकीन उद्योग देश-भर में प्रसिद्ध है और यहां सैकड़ों इकाइयां संचालित हैं। क्लस्टर में हजारों श्रमिक, कर्मचारी और अधिकारी प्रतिदिन आते-जाते हैं। कच्चे माल की आवक और तैयार माल की जावक के लिए भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में अनियंत्रित गति सीधे जन-धन की हानि का कारण बन सकती है।एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि “हम MPIDC से सकारात्मक और त्वरित सहयोग की अपेक्षा रखते हैं ताकि औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।” पत्र में उल्लेखित किया गया हैं कि तकनीकी सर्वेक्षण के बाद ही तय होगा कि कितने स्पीड ब्रेकर और किन-किन स्थानों पर लगाए जाएंगे। उद्योग जगत को उम्मीद है कि मानसून से पहले इस पर कार्रवाई हो जाएगी, ताकि बारिश में फिसलन के कारण जोखिम और न बढ़े!