
तुलसी नगर के विकास को लेकर महापौर से मिले रहवासी, पेयजल, ड्रैनेज और सड़क निर्माण सहित कई मांगों पर मिला आश्वासन
इंदौर। शहर की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में शामिल तुलसी नगर में वर्षों से लंबित आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कॉलोनी की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा तथा शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में स्वच्छ पेयजल एवं नर्मदा जल आपूर्ति की समस्या के स्थायी समाधान, जर्जर हो चुकी ड्रैनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण, शेष भूखंडों के नियमितीकरण, गौ उद्यान निर्माण तथा विकास शुल्क की राशि के पारदर्शी एवं जनहितकारी उपयोग की प्रमुख मांगें रखी गईं।
रहवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए महापौर श्री भार्गव ने कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि तुलसी नगर में नई ड्रैनेज व्यवस्था का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। कॉलोनी की आंतरिक सड़कों का निर्माण जनसहयोग मॉडल पर किया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत राशि रहवासियों तथा 70 प्रतिशत राशि नगर निगम द्वारा वहन की जाएगी।
महापौर ने यह भी बताया कि विधायक निधि से स्वीकृत मुख्य सड़क निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होगा। नर्मदा जल प्रदाय की चतुर्थ चरण योजना के अंतर्गत संपूर्ण तुलसी नगर को जोड़ा जाएगा तथा जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं है, वहां नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। शेष भूखंडों के नियमितीकरण के लिए प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा शासन स्तर पर सहयोग की अनुशंसा की जाएगी। इसके अलावा गौ उद्यान निर्माण की दिशा में भी शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में महापौर के साथ एमआईसी सदस्य श्री राजेश उदावत, जलकार्य प्रभारी श्री बबलू शर्मा तथा श्री महेश जोशी भी उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल में श्री राजेश तोमर, श्री संजय यादव, श्री राकेश जायसवाल, श्री शिव बहादुर सिंह, श्री प्रवीण मालवीय, श्री महेश सेंगर, श्री हरिराम नामदेव, श्री अमोल पाटिल, श्री हरिनारायण, श्री रामकृष्ण पटेल, श्रीमती शारदा सिंह, श्रीमती गीता मिश्रा, श्रीमती ज्योति ठक्कर, श्री रामचंदानी सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी उपस्थित थे।
बैठक के पश्चात रहवासियों ने स्पष्ट किया कि तुलसी नगर के विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों पर यदि शीघ्र अमल नहीं किया गया तो कॉलोनीवासी व्यापक जनहित आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।





