कलेक्टरों की खामोशी को पढ़कर नाराज हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव, लगाई फटकार- कहा- अब ‘परफार्मेंस गारंटी’ वाले अफसर ही साथ चलेंगे

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CM Mohan Yadav's VC

कलेक्टरों की खामोशी को पढ़कर नाराज हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव, लगाई फटकार- कहा- अब ‘परफार्मेंस गारंटी’ वाले अफसर ही साथ चलेंगे

 

आशीष दुबे की विशेष रिपोर्ट 

भोपाल: अक्सर वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मैदानी अफसर से मुखातिब होने वाले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की नजर इन अफ़सरों की बॉडी लैंग्वेज पर भी रहती है, इसका उदाहरण कल सामने आया, जब मप्र में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने की तैयारी पर मुख्यमंत्री ने वीसी की ।

दरअसल वे यूसीसी पर लगातार नजर रखे हैं, वे इसके लिये की जा रही रायशुमारी और अन्य प्रक्रियाओं का भी लगातार फीडबैक ले रहे हैं। इस विषय पर कल उन्होंने समीक्षा बैठक ली और इसमें जिलों के कलेक्टरों के बारे में एक संकेतभरी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि मैं यह भी लगातार देख रहा हूं कि कई कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस में लगातार खामोश ही रहते हैं, लिहाजा जुलाई में होने वाली कलेक्टर कांफ्रेंस में इस पर भी ‘बात’ होगी।

इसके बाद प्रशासनिक गलियारों में अब माना जा रहा है कि जुलाई में कलेक्टरों की रैंकिंग नए सिरे से तय की जाएगी और संभव है कि इसमें फिसड्डी पाए जाने वाले कलेक्टरों को वापस मंत्रालय बुलाया जाए। हालांकि करीब महीने भर पहले ही सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सर्जरी में करीब दो दर्जन कलेक्टरों को बदला है। इसके बावजूद लंबे कार्यकाल पूरा कर चुके तथा सीएम की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में कलेक्टरों के प्रदर्शन को सीएम सचिवालय लगातार ‘दर्ज’ कर रहा है। अगली फिजिकल कांफ्रेंस में इनसे कामकाज के बारे में सीएम सीधे जवाब तलब कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक डा यादव ने कल मैदानी अफसरों से कहा कि हमारी सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं और अब हमें अपनी योजनाओं को आगे ले जाने तथा असरदार तरीके से चलाने के लिए आपके(कलेक्टर्स) बेहतर परर्फामेंस की जरूरत होगी। इसीलिए अगले महीने कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस में भी इस पर बात की जाएगी। दरअसल, जब यूसीसी पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से पूछा कि जिलों में जनता के सुझाव लेने और उन्हें इन्वाल्व करने के लिये क्या किया जा रहा है, तो सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, गुना कलेक्टर किशोर कान्याल, डिंडौरी कलेक्टर अंजू भदौरिया समेत एक दो अन्य जिलों के कलेक्टरों ने अपने कामकाज के बारे में मुखरता से बताते रहे, इन्होंने कहा कि वे कॉलेजों में वादविवाद प्रतियोगिता करा रहे हैं, बार कौंसिल को जोड़ रहे हैं, पोस्टर आदि लगातार जनजागरण की कोशिशें कर रहे हैं, जबकि बाकी कलेक्टरों की खामोशी को मुख्यमंत्री ने स्क्रीन पर भांप लिया। लिहाजा उन्होंने खामोश कलेक्टरों को नसीहत दे डाली और यह भी कहा- जो बोल रहे हैं वे तो मुझे दिख रहे हैं लेकिन जो चुप हैं, उन्हें भी देख रहा हूं।’

इस मौके पर मुख्यमंत्री का मूड भांपते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी अफसरों को फटकार लगाई। उनकी नजरों में दो कलेक्टर आ गए जो बार-बार अपना मोबाइल चेक कर रहे थे। जैन ने दोनों अफसर से कहा कि यह वीसी ज्यादा जरूरी है। उन्होंने यूसीसी पर कामकाज की हिदायतें दीं।

कलेक्टरों को यह भी बताया गया कि इसके लिए एक लिंक जारी की गई है, इस लिंक पर 12 सवालों के जवाब देने हैं। आम नागरिकों के साथ कर्मचारी भी इन सवालों के जवाब देकर समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में अपने सुझाव और अभिमत 22 जून तक दे सकते हैं।

डा. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि अब तक 55 में से 36 जिलों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बैठकें हो चुकी हैं और शेष जिलों में भी इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। *कई दौर वर्चुअल, अब सालभर बाद फिजिकल कांफ्रेंस*

खास बात यह है कि अगले माह होने वाली कलेक्टर कांफ्रेंस वर्चुअल न होकर फिजिकल होगी, इसमें सीएम भोपाल में सभी कलेक्टरों से सीधे रूबरू होंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसमें कलेक्टर, संभागायुक्त, आईजी और एसपी शामिल हुए थे। उस कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों की समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग जैन हर महीने करते हैं। अब अगले महीने की कांफ्रेंस की तारीखें तय करने की कवायद जारी है।