
ट्रंप का मोदी प्रेम दिखावा है …!
कौशल किशोर चतुर्वेदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक साल से ज्यादा समय बाद पहली द्विपक्षीय मुलाकात की। यह G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जहाँ मेजबान देश फ़्रांस ने भारत के साथ-साथ ब्राज़ील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया को भी आमंत्रित किया था। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच कई विवाद चल रहे थे, जिनमें हाल ही में अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत भी शामिल थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप से कहा, ”पश्चिम एशिया में शांति के प्रयास में प्रगति हुई है इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं।” उन्होंने कहा, ” आपके इन प्रयासों के कारण पश्चिम एशिया में शांति की एक नयी किरण नज़र आ रही है और हम आशा करते है कि यह स्थिर और स्थायी शांति बनेगी।” ट्रंप ने अपनी बातों की पुष्टि करने के लिए शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाया है कि मोदी के रहते भारत पर कोई हमला करेगा तो अमेरिका भी उस देश के खिलाफ युद्ध मैदान में दिखेगा।
यह सब बातें शायद अपना प्रभाव नहीं छोड़ पा रही हैं, क्योंकि ट्रंप ने समय-समय पर कही गई ऐसी बातों से यू टर्न लेने में कभी देर नहीं की है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ”आप और हम सभी इस बात से सहमत हैं कि होर्मुज़ का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही अनिवार्य है. हम हमेशा कहते रहे हैं कि फ़्रीडम ऑफ़ नेविगेशन सुनिश्चित होना चाहिए। आप जानते हैं कि मेरीटाइम ट्रेड की दुनिया में भारत के लाखों सीफ़ेरर्स (नाविक) आज दुनिया के अलग-अलग समंदर में सेवाएं दे रहे है और मैं समझता हूँ कि उनकी सुरक्षा भी उतनी है महत्वपूर्ण है। मुझे पूरा विश्वास है कि समझौते में सीफ़ेरर्स की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी और उसे प्राथमिकता मिलेगी।”
ट्रंप की चिंता शायद यही है कि भारतीय जहाज पर हुए हमले में मारे गए लोगों को लेकर उनके मन में ग्लानि का भाव पैदा हो रहा है। लेकिन जो एक बार घटना घट चुकी है, अब उसकी पुनरावृत्ति न हो, यही ट्रंप का भारत के प्रति सच्चा दोस्ताना है। मोदी के प्रति
प्रेम का प्रकटीकरण कर ट्रंप ने एक बार फिर शायद यही बताया है कि भारत से उनका कोई लेना देना नहीं है। और मोदी की ऐसी भाषा यह भी बता रही है कि हो सकता है जल्दी ही भारत खुद के बचाव में ही सही युद्ध भूमि में नजर आ सकता है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ‘जी-7’ शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय हितों को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी ‘‘मित्रता’’ को भारत के राष्ट्रीय हितों से ऊपर नहीं रखना चाहिए। पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार यह याद रखेंगे कि द्विपक्षीय संबंध व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि देशों के बीच होते हैं।
अब यह बात तो शायद कांग्रेस को भी पता है कि ट्रंप अमेरिका के ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं जिनकी बुद्धिमत्ता पर पूरी दुनिया को तरस आ रहा है। शायद इसीलिए मोदी ने चुपचाप ट्रंप की बात को सुनकर अनसुना कर दिया है। और हो सकता है कि ट्रंप की ऐसी बात के संकेत यह भी हो कि भारत जल्दी ही युद्ध भूमि में आने के लिए तैयार रहे। तब ही यह साफ हो सकेगा कि ट्रंप की सोचना भारत के हित में है और मोदी के प्रति मित्रता भी उनका केवल दिखावा है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





