
300 साल पुराने झिरिया हनुमान मंदिर में पुनः विराजे बाल हनुमान, सोशल मीडिया से जुड़े जनसहयोग ने रचा इतिहास
अमझेरा से गोपाल खंडेलवाल की विशेष रिपोर्ट
अमझेरा (धार): धार जिले में अमझेरा के करीब 300 वर्ष पुराने प्राचीन झिरनिया हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार का सपना बुधवार को साकार हो गया। डेढ़ वर्ष तक चले जनसहयोग अभियान और युवाओं की अथक मेहनत के बाद नव-निर्मित भव्य मंदिर में बाल हनुमानजी की प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई यह पहल अब सामाजिक एकता, जनभागीदारी और युवाशक्ति की प्रेरक मिसाल बन गई है।

बुधवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बाल हनुमानजी को नवीन मंदिर में पुनः विराजित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही तीन दिवसीय महोत्सव का समापन पूर्णाहुति, महाआरती और विशाल भंडारे के साथ हुआ। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भव्य समारोह में विश्वमंगल धाम तारखेड़ी के संत पंडित ऋषिदास वैष्णव सहित अनेक संत साक्षी बने ।
“डेढ़ वर्ष पहले उठाया था बीड़ा”
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मंदिर की जर्जर होती स्थिति को देखकर नगर के युवाओं ने इसके जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जनसहयोग अभियान शुरू किया, जिसे समाज का अभूतपूर्व समर्थन मिला। इस अभियान से 500 से अधिक दानदाता जुड़े। किसी ने आर्थिक सहयोग दिया तो किसी ने निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई। परिणामस्वरूप खंडहर की ओर बढ़ रहा मंदिर आज भव्य और आकर्षक स्वरूप में श्रद्धालुओं के सामने खड़ा है।बुधवार को हर कोई इस कार्य की सराहना कर रहा था,

“अब पूजन पाठ की जगह नहीं होगी कम”
पहले लगभग 20 बाय 15 फीट क्षेत्र में सीमित मंदिर अब करीब 45 बाय 50 फीट के विशाल और व्यवस्थित स्वरूप में विकसित किया गया है। मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण, नवीन निर्माण कार्य तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
तीन दिनों तक हुए धार्मिक आयोजन
22 से 24 जून तक आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान यज्ञ, पूजन, हवन, धार्मिक अनुष्ठान, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया गया। प्रदेश स्तर पर प्रसिद्ध पवन पुत्र सुंदरकांड मंडल के ललित शर्मा एवं अजय शर्मा ने सुंदरकांड पाठ की प्रस्तुति दी, जबकि भजन गायक प्रकाश राठौर ने भक्तिमय भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए आचार्य सुदर्शन पारिख एवं गणेश शुक्ला ने वैदिक विधि-विधान से यज्ञ और स्थापना कार्य संपन्न कराया।
“संतों ने किया युवाओं का सम्मान”
भगवान की प्रतिमा स्थापना एवं मंदिर निर्माण में विशेष सहयोग देने युवाओं का विश्व मंगल धाम तारखेड़ी के संत ऋषिदास वैष्णव द्वारा युवाओं का सम्मान किया ,इस अवसर पर नीलाम्बर शर्मा, रवि पाठक, भगवानदास खंडेलवाल, रिंटू सोनी, युवराज चौहान, अजय शर्मा, ललित शर्मा, गेंदालाल अगलेचा, राहुल परिहार, कृष्णा सूर्यवंशी, गोपाल सोनी आदि मौजूद थे।
क्षेत्रवासियों ने इसे केवल मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं बल्कि समाज की सामूहिक शक्ति, धार्मिक आस्था और युवाओं की सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई यह मुहिम अब अमझेरा में जनभागीदारी के सफल मॉडल के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है।





