
गांवों में अब 60 से 120 रुपए में हर महीने मिलेगा घर-घर पानी, तीन माह बिल नहीं दिया को पानी होगा बंद
भोपाल: मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों में भी अब हर घर नल कनेक्शन देकर सरकार पेयजल उपलब्ध कराएगी। इसके लिए हर माह घरेलु कनेक्शन के लिए साठ रुपए से 120 रुपए तक का जल प्रभार वसूला जाएगा। जो परिवार तीन महीने तक बिल नहीं चुकाएगा उसका जलप्रदाय बंद कर दिया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए नये नियम लागू कर दिए है। नल कनेक्शन के लिए जनजातीय विकासखंड में घरेंलु परिवारों से हर माह साठ रुपए मासिक जल प्रभार लिया जाएगा। मास्टर प्लान के अधिसूचित क्षेत्रों में सम्मिलित पंचायतों में घरेलु परिवारों को दुगना अर्थात 120 रुपए मासिक जल प्रभार देना होगा। इन दोनो से अलग पंचायतों में सौ रुपए प्रति परिवार मासिक जल प्रभार की वसूली की जाएगी। सार्वजनिक शासकीय विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी से हर माह दो सौ रुपए जलप्रभार वसूला जाएगा। व्यावसायिक कनेक्शन के लिए हर माह पांच सौ रुपए प्रति माह या मात्रा के अनुसार उत्पादन शुल्क आधारित जल प्रभार लिया जाएगा। औद्योगिक कनेक्शन पर मात्रा के अनुसार उत्पादन शुल्क आधारित जल प्रभार वसूला जाएगा। बल्क जल मीटर की स्थापना और रखरखाव का खर्च संबंधित उपभोक्ता को वहन करना होगा।
नया कनेक्शन लेने एक हजार से दस हजार शुल्क-
नवीन कनेक्शन लेने के लिए जनसहयोग राशि के रुप में अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों से एक हजार रुपए और अन्य परिवारों से ढाई हजार रुपए लिए जाएंगे। सार्वजनिक संस्थान, स्कूल,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी को इसके लिए पांच हजार रुपए देने होंगे। व्यावसायिक कनेक्शन के लिए आठ हजार और औद्योगिक कनेक्शन के लिए दस हजार रुपए देने होंगे। जिन उपभोक्ताओं को कनेक्शन बिना जन सहयोग राशि के प्रदाय किए जा चुके है उनसे भी किश्तों में यह राशि ली जाएगी। नवीन कनेक्शन लेने वालों को जन सहयोग राशि कनेक्शन लेते समय देना होगा।
आपातकालीन स्थिति में पेयजल आपूर्ति करेंगी पंचायतें-
आपात कालीन परिस्थितियों में पंचायतें निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। गांव में निर्मित टंकी, पाइप लाईन, वॉल्व, हेंडपंप स्रोत के रखरखाव और सुरक्षा का काम पंचायत को करना होगा। पंचायतें नलजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए पानी समिति से चर्चा कर वॉल्व सह पंप आपरेटर की सेवाएं ले सकेंगी। इसके लिए उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। वॉल्व सह पंप आपरेटर को मध्यप्रदेश जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
जलसमिति के प्रस्ताव पर पंचायतें जलप्रभार माफ कर सकेंगी-
नलजल योजनाओं के संचालन के लिए पानी समिति भी बनेगी। ग्राम पंचायतों को पानी समिति की अनुशंसाओं को गंभीरता से लेना होगा। ग्राम पंचायतें जल समिति के प्रस्ताव पर अति गरीब अंत्योदय, विधवा और जिनकी आय के कोई साधन न हो ऐसे पांच से दस परिवारों का मासिक जल प्रभार, नवीन कनेक्शन प्रभार, जनसहयोग राशि माफ कर सकेंगी।





