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गुमनाम कारखानों, उद्योगों की जानकारी जुटाने अब जनता बनेगी श्रम प्रहरी

गुमनाम कारखानों, उद्योगों की जानकारी जुटाने अब जनता बनेगी श्रम प्रहरी

भोपाल: मध्यप्रदेश में बिना श्रम विभाग में पंजीयन कराए चल रहे कारखाानों और उद्योगों की जानकारी जुटाने के लिए श्रम विभाग अब आमजन को श्रम प्रहरी बनाएगी। इसके लिए एक श्रमिक हेल्पलाईन नंबर भी जारी किया गया है इस पर दी गई जानकारी गोपनीय रहेगी और इसके आधार पर श्रम विभाग अपंजीकृत कारखानों और उद्योगों पर कार्यवाही करते हुए वहां कार्यरत श्रमिकों को सभी वैधानिक मदद, पारिश्रमिक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करााएगी और श्रम विभाग को इन कारखानों को जो शुल्क देना होता है वह भी उनसे वसूल किया जाएगा।
श्रम विभाग द्वारा संचालित पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी में पंजीकृत कारखानों की संख्या काफी कम है। प्रदेश में संचालित कारखानों के पंजीकरण तथा श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए श्रम विभाग लगातार निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्यवाही कर रहा है। इसके लिए श्रम विभाग ने श्रम प्रहरी योजना शुरु की है। आमजन श्रम प्रहरी बनकर श्रम विभाग को जानकारी दे सकेंगे। श्रम विभाग दतिया, शिवपुरी एवं निवाड़ी सहित प्रदेश के किसी भी जिले में कोई अपंजीकृत कारखाने की जानकारी मिलने पर श्रमिक हेल्पलाईन नंबर 18002338888 पर जानकारी दे सकेंगे। श्रम विभाग का अमला इस जानकारी के आधार पर वहां पहुंचकर कार्यवाही कर सकेगा। श्रम विभाग ने प्रदेश के सभी कारखानोें, उद्योगों को जियो मैपिंग से जोड़ा है।
आमजन श्रम विभाग की पोर्टल पर जाकर किसी भी क्षेत्र में नये कारखानें को देखकर इस पोर्टल के जरिए देख सकेंगे कि यह श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत है या नहीं है। यदि अपंजीकृत कारखाना संचालित हो रहा है तो श्रमिक या आमजन इसकी जानकारी दे सकते है। यहां मजदूरों को कम वेतन दिया जा रहा है या समय पर पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है तो इसकी जानकारी भी लोग दे सकेंगे। इस जानकारी के आधार पर श्रम विभाग इन कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों की अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चत करवा सकेंगे। उनके प्रावीडेंड फंड, स्वास्थ्य सुरक्षा और भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल तथा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं के तहत श्रमिक परिवारों को इनसे जोड़कर श्रमिक और उनके परिवारों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, विवाह, दुर्घटनाओं और दिवंगत होंने पर दी जाने वाली सहायता का लाभ उन श्रमिकों को मिल सकेगा। श्रम सचिव रघुराज एमआर का कहना है कि आम नागरिक श्रम प्रहरी योजना में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर इन कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के हितों कस संरक्षण करने में मददगार हो सकते है।