
खंडवा में अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, आज होगी जवाबी कार्यवाही
गणेश पांडे की रिपोर्ट
भोपाल। खंडवा के आमाखुजारी के जंगल में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर रविवार दोपहर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया। गोफन और पत्थरों से किए गए हमले में पांच वनरक्षक घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने 9 नामजद आरोपियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएफओ राकेश डामोर ने सोमवार को जवाबी कार्यवाही करने का मन बनाया है।
घटना 28 जून दोपहर करीब 12.30 से 1.30 बजे के बीच हुई। वन विभाग की टीम आमाखुजारी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में कई वनकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। घायलों का हाल जानने के लिए रविवार शाम को डीएफओ राकेश कुमार डामोर सहित आला-अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
*जवाबी कार्रवाई के संकेत मिले*
घायल कर्मचारियों से चर्चा के दौरान डीएफओ राकेश कुमार डामोर ने आश्वस्त किया कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने अगले दिन सोमवार को ही जवाबी कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए। कार्रवाई से पहले अफसरों ने मीटिंग लेकर रणनीति बनाई और जेसीबी मशीनों की व्यवस्था की। साथ ही पुलिस और जिला प्रशासन का सहयोग मांगा हैं।
*इन्हें बनाया है नामजद आरोपी*
पुलिस ने राजू पिता गणपत, घनश्याम, सुखलाल, अर्जुन पिता कालू, अर्जुन पिता रतन, छतरसिंह, सरदार, रमेश को नामजद आरोपी बनाया हैं। इसके अलावा घटना में शामिल अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस उनकी पहचान कर रही है।
*इन धाराओं में दर्ज हुआ केस*
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराएं 109(1), 115(2), 189(2), 191(3), 190, 121(1), 132 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है।
इनमें शासकीय कार्य में बाधा डालना, शासकीय कर्मचारियों पर हमला, मारपीट, बलवा व अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
*2130 हेक्टेयर जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराया*
खंडवा वन मंडल ने न केवल 2130 हेक्टेयर जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराया बल्कि उस पूरे क्षेत्र को हरा -भरा कर दिया। ऐसा डीएफओ राकेश डामोर और उनकी टीम के अथक प्रयासों से संभव हुआ है। खंडवा वन परिक्षेत्र गुड़ी में एक समय वन भूमि पर लगातार कब्जों और कटाई से क्षेत्र की हरियाली लगभग समाप्त हो चुकी थी, लेकिन बीते एक वर्ष में वन विभाग की लगातार निगरानी, गश्त और कार्रवाई ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। बावजूद इसके, एसएएफ और वन विभाग के 30 कर्मियों लगातार निगरानी करते हैं। ड्रोन से नजर रखी जाती है। खंडवा में वन विभाग के लिए पिछला एक वर्ष किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रहा। लंबे समय हो रहे अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण जंगल सिमटता जा रहा था. करीब 2130 हैक्टेयर जंगलों की जगह खेती कर अतिक्रमणकारी रहने लगे।





