
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा… फिर घर में घुसकर नाबालिग से रेप; आरोपी को 20 साल की सजा
छतरपुर की पॉक्सो कोर्ट का फैसला; परिजन के बाहर जाते ही वारदात को दिया था अंजाम
छतरपुर: छतरपुर की विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संतोष पटेल को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) प्रवेश अहिरवार ने बताया कि आरोपी ने घटना से करीब एक माह पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उसने शादी का झांसा देकर उसका विश्वास जीता।
1 जुलाई 2025 को जब पीड़िता के माता-पिता किसी निमंत्रण कार्यक्रम में गए हुए थे और वह घर पर अकेली थी, तभी दोपहर करीब 1 बजे आरोपी जबरन घर में घुस गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना छतरपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय समिति ने इसे सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में शामिल किया था।
अदालत में विशेष लोक अभियोजक प्रवेश कुमार अहिरवार और हेमंत बाजोलिया ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को बीएनएस की धारा 332(2) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास व 3 हजार रुपए अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।





