
जल गंगा संवर्धन अभियान में बड़वानी बना प्रदेश का नंबर-1 जिला, 1.61 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य पूरे
बड़वानी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान में बड़वानी जिले ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल कर नई उपलब्धि दर्ज की है। अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने इसे जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए 17 विभागों के समन्वय से जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े रिकॉर्ड स्तर पर कार्य कराए। निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य पूर्ण कर जिला पंचायत बड़वानी ने समेकित रैंकिंग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्य स्तरीय रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

जिले में अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा कुल 1 लाख 50 हजार 632 कार्य एवं गतिविधियां चिन्हित की गई थीं। इसके विरुद्ध 1 लाख 61 हजार 734 गतिविधियां एवं कार्य पूरे किए गए, जो लक्ष्य से कहीं अधिक हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पूरे किए 5,666 कार्य
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के 5,666 कार्य पूरे किए गए। इनमें 1,125 खेत तालाब, 3,017 कूप रिचार्ज, दो अमृत सरोवर, निस्तार तालाब, कपिलधारा कूप, निर्मल नीर कूप, कंटूर ट्रेंच, गेबियन स्ट्रक्चर और गली प्लग जैसे सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक कार्य शामिल रहे। इसी दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जनपद पंचायत राजपुर की नई परियोजना क्रमांक-5 का शुभारंभ भी किया गया। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत कार्य पूरे कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

नगरीय निकायों ने लक्ष्य से कई गुना अधिक गतिविधियां कीं
नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत जिले की सभी नगर निकायों ने जल संरक्षण को लेकर व्यापक अभियान चलाया। तालाबों और बावड़ियों का सुधार, नाले-नालियों की सफाई तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना जैसे कार्य किए गए। विभाग को 1,695 गतिविधियों का लक्ष्य मिला था, जबकि 11,426 गतिविधियां पूरी की गईं।

कृषि और उद्यानिकी विभाग का भी अहम योगदान
कृषि विभाग ने अभियान के दौरान छह बलराम तालाबों का निर्माण कराया। वहीं उद्यानिकी विभाग ने 815 ड्रिप सिंचाई इकाइयों की स्थापना तथा 107 फलदार पौधों का रोपण कराया। जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 70 पानी चौपाल और कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया। विभाग ने 860 कार्यों के लक्ष्य के विरुद्ध 998 कार्य पूरे कर 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।

स्कूलों और आंगनवाड़ियों में जल गुणवत्ता की जांच
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल संरक्षण के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। विभाग ने 3,042 स्कूलों और 1,608 आंगनवाड़ियों में जल गुणवत्ता की जांच की। विभाग को मिले 4,692 कार्यों के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया गया।
वन विभाग ने बनाई कंटूर ट्रेंच और चेकडेम
वन विभाग ने बड़े पैमाने पर कंटूर ट्रेंच और चेकडेम निर्माण कार्य किए। विभाग को 1 लाख 35 हजार 42 कार्यों का लक्ष्य मिला था, जिसे पूरी तरह पूरा करते हुए शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।

जन अभियान परिषद ने बढ़ाई जनभागीदारी
जन अभियान परिषद ने अभियान को जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद की ओर से 1,992 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें कलश यात्राएं, सामूहिक श्रमदान, कुओं और बावड़ियों की सफाई एवं गहरीकरण, जल चौपाल और संगोष्ठियां प्रमुख रहीं।
जन आंदोलन बना जल संरक्षण अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए अभियान को व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया गया। सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता से निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य पूरे किए गए, जिसके परिणामस्वरूप बड़वानी ने राज्य की समेकित रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि न केवल जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए व्यापक प्रयासों को दर्शाती है, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित कार्य और जनसहभागिता का भी उदाहरण मानी जा रही है।





