
बेटे की सादगीपूर्ण शादी और अध्यक्षीय कार्यकाल का एक साल…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इन दिनों राजनीतिक चर्चा में ट्रेंड कर रहे हैं। दो वजह हैं और दोनों ही खास हैं। पहला, उन्होंने अध्यक्षीय कार्यकाल का एक साल पूरा कर लिया है और दूसरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हेमंत खंडेलवाल भी अपने बेटे की सादगीपूर्ण शादी राजस्थान से कर रहे हैं। और यह माना जा सकता है कि भाजपा के नेताओं ने अगर अपने इन दो शीर्ष नेताओं का अनुसरण किया, तो वह भी अपने बच्चों की सादगीपूर्ण शादी के लिए राजस्थान का ही चयन करेंगे। क्योंकि डॉ. मोहन यादव ने भी अपने बड़े बेटे की शादी सादगीपूर्ण तरीके से राजस्थान जाकर की थी और यह संयोग ही बना है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी अपने बेटे की शादी सादगीपूर्ण तरीके से भी कर रहे हैं और राजस्थान से ही कर रहे हैं। जबकि बहू का परिवार भी बैतूल से ही है और गैर राजनीतिक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दूसरे पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में सादगीपूर्वक संपन्न कर समाज के समक्ष एक प्रेरक उदाहरण रखा था। तो बड़े बेटे की शादी मुख्यमंत्री बनने के बाद राजस्थान से सादगीपूर्ण तरीके से की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी अपने पुत्र का विवाह दिखावे और आडंबर से दूर, भारतीय पारिवारिक संस्कारों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप केवल सीमित परिजनों की उपस्थिति में संपन्न कर रहे हैं। सादगी ही सबसे बड़ा संस्कार है, और जब नेतृत्व स्वयं उदाहरण बनता है, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बेटे की शादी 3 जुलाई को सादगी और पारिवारिक माहौल में होगी। इस समारोह में केवल करीब 50 परिवारों और करीबी रिश्तेदारों को बुलाया गया है। किसी भी राजनीतिक नेता को निमंत्रण नहीं दिया गया है और शादी बिना दिखावे और छपे कार्ड के भारतीय परंपराओं के अनुसार आयोजित की जाएगी। इस समारोह में केवल दोनों फैमिली मेंबर, करीबी रिश्तेदार और कुछ बेहद नजदीकी परिवार ही शामिल होंगे। कुल मिलाकर करीब 50 परिवारों को ही आमंत्रित किया गया है। परिवार की ओर से बताया गया है कि इस मैरिज फंक्शन में किसी भी राजनीतिक नेता, सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति को इनविटेशन नहीं दिया गया है। शादी को पूरी तरह पारिवारिक माहौल में आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह कार्यक्रम सादगी और आत्मीयता के साथ पूरा हो सके। दुल्हन बैतूल की रहने वाली हैं और उनका परिवार राजनीति से जुड़ा नहीं है। दोनों परिवारों ने शादी को बिना किसी दिखावे के आयोजित करने का फैसला लिया है। इसी कारण शादी के लिए पारंपरिक छपे हुए इनविटेशन कार्ड भी नहीं बनवाए गए हैं। सभी मेहमानों को व्यक्तिगत रूप से या परिवार के जरिए आमंत्रित किया गया है। परिवार के मुताबिक, उनके लिए शादी केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक पवित्र संस्कार है. इसलिए इस अवसर को सीमित दायरे में अपने प्रियजनों के बीच और पूरी सादगी के साथ मनाया जा रहा है। हेमंत खंडेलवाल के परिवार का मानना है कि शादी जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचना चाहिए। इसी सोच के साथ इस विवाह समारोह को छोटा, सादा और पारिवारिक रखा गया है। 3 जुलाई को होने वाली यह शादी केवल परिवार और करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में संपन्न होगी, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में निभाई जाएंगी।
तो वहीं मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिली है और कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष के दौरान संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं। प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार संवाद स्थापित करने, संगठनात्मक विस्तार को गति देने, नए जिला कार्यालयों के निर्माण, प्रशिक्षण वर्गों के आयोजन तथा सहयोग सेल जैसी पहलों से संगठन की कार्यक्षमता और सेवा भाव को नई मजबूती मिली है। इन प्रयासों ने भाजपा को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन आगे भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सशक्त माध्यम है। संगठन की ऊर्जा और कार्यकर्ताओं का समर्पण ही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा। तो बेटे की सादगीपूर्ण शादी को लेकर डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हर व्यक्ति को इसका अनुसरण करना चाहिए ताकि बेवजह खर्चों के लिए आम आदमी को जमीन बेचकर या कर्ज लेकर दिखावा न करना पड़े।
निश्चित तौर से हेमंत खंडेलवाल ने
प्रदेश अध्यक्ष के एक साल के कार्यकाल में लो प्रोफाइल रहकर संगठन के प्रति अपनी खास जवाबदेही
निभाई है। तो बेटे की शादी सादगीपूर्ण तरीके से करने का उनका फैसला सराहनीय है। शादियों में फिजूलखर्ची बंद कर समाज आमूलचूल परिवर्तन कर सकता है। या उस राशि को रचनात्मक कार्यों में खर्च कर सामाजिक दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकता है। नेतृत्व से सीख लेकर भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता इस पहल को समाज के लिए वरदान बना सकते हैं… तो हेमंत द्वारा बेटे की सादगीपूर्ण शादी और अध्यक्षीय कार्यकाल का एक साल पूरा करना दोनों ही खास उपलब्धियां हैं…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





