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भोपाल के बड़े तालाब में अवैध अतिक्रमण रोकने में लापरवाही: दो इंजीनियर निलंबित

भोपाल के बड़े तालाब में अवैध अतिक्रमण रोकने में लापरवाही: दो इंजीनियर निलंबित

भोपाल। राजधानी की शान कहे जाने वाले बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया और फुल टैंक लेवल के दायरे में अवैध अतिक्रमण को रोकने में लापरवाही बरतने पर भोपाल नगर निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बड़े तालाब संरक्षण महा-अभियान के तहत जारी जांच के बाद नगर निगम के दो जिम्मेदार अधिकारियों-असिस्टेंट इंजीनियर प्रदीप जड़िया और सब-इंजिनियर आदित्य खरे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

या है पूरा मामला?

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के कड़े निदेर्शों और राज्य सरकार के आदेश के बाद भोपाल जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा बड़े तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने का एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान खानूगांव, भदभदा और तालाब के 50 मीटर के दायरे में आने वाले कई रसूखदारों के पक्के निर्माण, मैरिज गार्डन और अवैध विला चिन्हित किए गए हैं।

*धड़ल्ले से होते रहे पक्के निर्माण*

जांच में सामने आया कि बिल्डिंग परमिशन सेल और संबंधित क्षेत्र के इन इंजीनियरों की तैनाती के बावजूद तालाब के प्रतिबंधित कैचमेंट एरिया में धड़ल्ले से पक्के निर्माण होते रहे। अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई न करने और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने को गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता माना गया, जिसके चलते आयुक्त संस्कृति जैन द्वारा इन दोनों पर निलंबन की गाज गिराई गई है।

*कार्रवाई का कारण*

बड़े तालाब के प्रतिबंधित 50 मीटर दायरे और कैचमेंट एरिया में हुए अवैध निमार्णों पर समय रहते कार्रवाई न करने पर अपर लेक के प्रदीप जड़िया (असिस्टेंट इंजीनियर) और आदित्य खरे (सब-इंजीनियर) को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। गौर तलब है कि खानूगांव और वीआईपी रोड के पास लगातार मिल रहे पक्के अवैध निर्माणों के बाद प्रशासन की रडार पर थे यह जिम्मेदार अधिकारी । नगर निगम सूत्रों के अनुसार, तालाब के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और एनजीटी के सख्त निर्देश हैं कि ऐसे में जो भी अधिकारी भू-माफिया या अवैध कब्जाधारियों को मूक सहमति देगा या अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ इसी तरह दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।