
Accused Convicted for Attacking Police gets Punishment : पुलिसकर्मी से मारपीट मामले के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, अर्थदंड भी लगाया!
Ratlam : प्रधान सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने पुलिसकर्मी के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने मामले में आरोपी ग्राम नानाखेड़ा धराड़ निवासी योगेश उर्फ राधे पिता शंकरलाल पाटीदार को मामले में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि 5 मार्च 2025 की रात्रि में करीब 10-30 बजे ग्राम धराड़ में पुलिस थाना बिलपांक के प्रधान आरक्षक शिवपाल सिंह सिसौदिया ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान देवेन्द्रदास वैरागी ने सूचना दी थी कि ब्रिज के नीचे 3-4 लोग झगड़ा कर रहें हैं। सूचना पर सिसोदिया मौके पर पहुंचे थे तो अन्य लोग वहां से भाग निकले थे जबकि योगेश सफेद रंग की गाड़ी लेकर मौके पर मौजूद था।
सिसोदिया द्वारा गाड़ी हटाने के लिए कहा गया तो योगेश उन्हें गाली-गलौज करने लगा था और वाहन से लोहे की राड़ निकालकर शिवपाल सिंह सिसौदिया पर हमला कर दिया था। हमले में आरक्षक शिवपाल सिंह सिसौदिया के सिर, हाथ और पैर में चोटें आई थीं। मामले में थाना प्रभारी अय्युब खान एवं अनुसंधान अधिकारी सुरेश गोयल ने जांच करते हुए प्रकरण दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय में शासन की और से 25 दस्तावेजी सबूत, 11 साक्षियों के बयान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। न्यायालय ने पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर योगेश को दोषी ठहराया और 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई!





