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Aniruddhacharya controversy: अनिरुद्धाचार्य के लड़कियों वाले बयान पर बवाल,कथावाचक के 5 विवादित बयान!

Aniruddhacharya controversy: अनिरुद्धाचार्य के लड़कियों वाले बयान पर बवाल,कथावाचक के 5 विवादित बयान!

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। कई मामलों में उन्‍होंने माफी भी मांगी है। वह वृंदावन में गौरा गोपाल आश्रम चलाते हैं। यहां अपनी पत्‍नी और दो बेटों के साथ रहते हैं।

मथुरा:वृंदावन के प्रख्यात कथा वाचक कहे जाने वाले अनिरुद्ध आचार्य गौरी गोपाल आश्रम को संचालित करते हैं. यहां हजारों लोगों को निशुल्क भोजन भी करते हैं. गौशाला में गायों की देखभाल करते हुए भी नजर आते हैं. इसके अलावा. आचार्य जी भागवत कथा करने के लिए प्रति दिन 1 से 3 लाख रुपये और यूट्यूब से 1.82 लाख रुपये कमाते हैं.

वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक और गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरुद्धाचार्य अक्सर सोशल मीडिया पर किसी न किसी चीज को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में वे अपने एक विवादित बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं। 2025 में मथुरा में एक धार्मिक सभा के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने लड़कियों की शादी की उम्र और उनके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद समाज के विभिन्न वर्गों और महिलाओं व सामाजिक संगठनों इसके खिलाफ रोष देखने को मिला। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही महिला वकीलों ने उनपर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। इसके जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।

अनिरुद्धाचार्य ने दिया विवादित बयान

अनिरुद्धाचार्य ने अपनी एक कथा के दौरान लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर टिप्पणी की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि ’25 साल की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं, जिसके कारण देर से शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है।’ इस बयान को कई लोगों ने रूढ़िगत और महिलाओं के प्रति अपमानजनक माना। मथुरा बार एसोसिएशन और महिला अधिवक्ताओं ने इस बयान को न केवल लैंगिक रूप से असंवेदनशील बल्कि सामाजिक रूप से हानिकारक बताया। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने इसे ‘महिलाओं का अपमान’ और ‘संस्कृति के खिलाफ’ करार दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने की मांग उठी।

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 आइए आपको कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के पांच विवादित बयानों के बारे में बताते हैं-

  • अपने एक वीडियो में अनिरुद्धाचार्य लड़कियों की शादी की उम्र कम करने पर अपनी राय देते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, अब हम शादी करके 25 साल की लड़कियां लाते हैं। 25 साल तक होते होते बच्ची चार जगह मुंह मार चुकी होती है, जवानी मे फिसल चुकी होती हैं। उन्होंने इसके समर्थन में एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक लड़की हनीमून मनाने गई थी, लेकिन वह पहले से किसी और के साथ रह चुकी थी। अनिरुद्धाचार्य इस बात की दलील दे रहे थे कि लड़कियों की शादी 16 साल से पहले कर देनी चाहिए। भारतीय कानून के मुताबिक, लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 18 साल और लड़कों की 21 साल है।
  • अनिरुद्धाचार्य ने एक बार भगवान शिव को कृष्ण का साला बता दिया था। इससे संत समाज नाराज हो गया। महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद ने अनिरुद्धाचार्य को ग्रंथ पढ़ने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि कथावाचक सस्ती लोकप्रियता के लिए कुछ भी बोल देते हैं। उन्हें शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए। भगवान शिव स्वयंभू हैं और उनके बारे में अनिरुद्धाचार्य का कथन गलत है।

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  • बाबा जी ने इससे पहले माता सीता और द्रौपदी की सुंदरता को उनका दोष बताया था। उन्होंने कहा था कि रामायण में सीता हरण और महाभारत में द्रौपदी का चीर हरण उनकी सुंदरता के कारण हुआ। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनका विरोध हुआ था।
  • कथावाचक ने महर्षि वाल्मीकि के संत बनने से पहले के जीवन पर भी विवादित टिप्पणी की थी। लोगों ने उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में अनिरुद्धाचार्य ने माफी मांगी और अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने वाल्मीकि समाज से माफी मांगी थी।
  • दिसंबर 2022 में जयपुर में एक प्रवचन के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने लड़कियों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘पहले लड़कियां पढ़ने लिखने के लिए घर से निकलती हैं, उसके बाद फिल्म देखने चली जाती हैं। फिर एक दिन बिना बताए घर से ही चली जाती हैं। उसके बाद उनके 35 टुकड़े हो जाते हैं।’

  • सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

    अनिरुद्धाचार्य अपने इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खूब ट्रोल किए गए। कई यूजर्स ने उनके बयान को ‘घटिया’ और ‘मानसिक विकृति’ का प्रतीक बताया। उदाहरण के लिए, एक यूजर ने लिखा कि ‘जो व्यक्ति धर्म की गद्दी पर बैठकर महिलाओं के लिए इतनी गंदी सोच रखता हो, उसे कथावाचक नहीं, ‘कथित भोगवाचक’ कहा जाना चाहिए।’ समाजवादी पार्टी जैसे राजनीतिक दलों ने भी इस बयान की निंदा की और इसे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया। मथुरा बार एसोसिएशन ने जिला पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सार्वजनिक माफी की मांग की। इस विवाद ने न केवल उनके प्रवचनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए बल्कि धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों की जिम्मेदारी पर भी बहस छेड़ दी।

  • अनिरुद्धाचार्य ने मांगी माफी

    विवाद बढ़ने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने कहा कि ‘ आपने आधी वीडियो सुनी, जिस वीडियो में कहा कि कुछ लड़कियां ऐसी होती है जो लिवइन में रहकर, चार जगहों पर मुंह मारकर, किसी की बहू बनकर जाएंगी तो क्या वे रिश्तों को निभा पाएंगी। आप ही बताइए? लड़की हो या लड़का दोनों को पहले तो चरित्रवान होना चाहिए। ये बात कुछ लड़कियों और व्यक्तियों के लिए कही गई है। जैसे राजा रघुवंशी को उसकी पत्नी ने मार दिया, वह 25 साल की थी। उसने पराए पुरुष के कारण अपने पति मारा है। मैंने कहा कि कुछ लड़कियां, पर मेरी वीडियो से कुछ को हटा दिया गया।

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