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अब पोर्टल पर दिखेगी वैध कॉलोनी, 60 दिन में नहीं दी विकास की अनुमति तो डीम्ड परमीशन

अब पोर्टल पर दिखेगी वैध कॉलोनी, 60 दिन में नहीं दी विकास की अनुमति तो डीम्ड परमीशन

भोपाल: शहरी क्षेत्रों की कॉलोनियों में अपना आशियाना बनाने के इच्छुक आमजन अब अवैध कॉलोनी में मकान खरीदकर ठगे नहीं जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग प्रदेश में बनने वाली सभी वैध कॉलोनियों को विभाग की पोर्टल पर डालेगा। इससे नागरिक वैध कॉलोनियों में ही निवेश कर सकेंगे और अवैध कॉलोनियों में निवेश के बाद आने वाली दिक्कतों से बच सकेंगे। कॉलोनियों में विकास कार्यो की अनुमति देने में अब नगरीय निकायों के अफसरों ने लेटलतीफी भी नहीं चलेगी। इसके लिए समयसीमा तय होंने जा रही है। साठ दिन में कॉलोनी विकास की अनुमति नहीं मिली तो इसके लिए डीम्ड परमीशन जारी हो जाएगी।

मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम में सरकार यह प्रावधान करने जा रही है। शहरी क्षेत्रों में वैध कॉलोनियों का निर्माण हो इसके लिए राज्य सरकार आमजनता और कॉलोनाइजरों के लिए कई नये प्रावधान करने जा रही है। शहरों में कॉलोनी बनाने के लिए कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब आवेदकों को सरकारी दफ्तरों में अफसरों के ज्यादा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अफसरों ने कॉलोनाइजर का पंजीयन प्रमाणपत्र आवेदन के पैतालिस दिन में नहीं दिया तो डीम्ड रजिस्ट्रीकरण हो जाएगा। याने कॉलोनाइजर को न तो पंजीयन के लिए अफसर के चक्कर काटने पड़ेंगे न ही उसे इसके लिए किसी तरह की अवैधानिक मांग पूरी करना होगा। अफसरों को पैतालिस दिन में यह पंजीयन करना जरुरी होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अफसर को इसका वैधानिक कारण भी बताना होगा।

कॉलोनाइजर ने काम पूरा कर दिया है तो कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र भी पैतालिस दिन में जारी करना अनिवार्य होगा अन्यथा डीम्ड कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा। निवेश क्षेत्र के बाहर वास्तुविद द्वारा तैयार कॉलोनी का अभिन्यास मान्य होगा। सभी प्रक्रिया आनलाईन होंने से विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रक्रिया से चाहे जाने वाले एनओसी और प्रमाणपत्र , बैठक की आवश्यकता से मुक्ति मिल जाएगी।

मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम लागू होंने से आम नागरिकों को भी आसानी हो जाएगी। विभाग के पोर्टल पर प्रदेश की सभी वैध कालोनियों की जानकारी उपलब्ध होगी। आम नागरिक मकान बनाने और निवेश के लिए इन कॉलोनियों को देखकर इनमें सुरक्षित निवेश कर सकेंगे। ऐसे में शासकीय जमीन, ग्रीन बेल्ट पर बनने वाली अवैध कॉलोनियों में निवेश कर ठगे जाने से नागरिक बच सकेंगे। जो अतिगरीब लोग है वे ईडब्ल्यूएस के लिए आनलाईन आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश की किसी भी कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस के लिए भूखंड, फ्लैट चयन की सुविधा भी रहेगी। ईडब्ल्यूएस के लिए भूखंड, फ्लैट का लाटरी सिस्टम से आवंटन किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस अपार्टमेंट का एरिया पीएमएवाय की गाइडलाईन के अनुसार होगा। वर्षो पुरानी विकास अनुमति प्राप्त अविकसित कॉलोनियों का संपूर्ण विकास कराने का प्रावधान भी इस अधिनियम में कराया जाएगा।

विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के अनुसार मध्यप्रदेश में कॉलोनी अधिनियम लगभग तैयार हो चुका है। इसमें आम नागरिकों और कॉलोनाइजरों के हित में कई नये प्रावधान किए जा रहे है। नये अधिनियम से अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लग सकेगी और आम नागरिक वैध कॉलोनियों को पोर्टल पर देखकर सही जगह निवेश कर सकेंगे अपने घर का निर्माण वहां कर सकेंगे।