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Tiger Movement in Bhopal : चंदनपुरा, जागरण लेक सिटी और कलियासोत डैम मार्ग में बढ़ी फॉरेस्ट चेकिंग

अभी मॉर्निंग वॉक करने और रात में यहां घूमने वालों पर पाबंदी

Tiger Movement in Bhopal : चंदनपुरा, जागरण लेक सिटी और कलियासोत डैम मार्ग में बढ़ी फॉरेस्ट चेकिंग

भोपाल। शहर के कोलार क्षेत्र में स्थित चंदनपुरा सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र के पास एक बार फिर बाघ की मौजूदगी सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बाघ की दहाड़ अभी भी सुनाई देती है और उसे क्षेत्र में देखा भी गया। इसके बाद से ही वन विभाग ने यहां पर अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। कल रात को यहां पर घूमने वालों को वहां से हटाया गया। साथ ही, सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों को यहां आवाजाही करने पर पाबंदी लगाई गई है, ताकि कोई हादसा न हो।

पहले भी आ चुका है बाघ

क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय से बाघों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। दूसरी ओर, मॉर्निंग वॉक, निजी गतिविधियों और आसपास बढ़ते निर्माण कार्यों के कारण लोगों की मौजूदगी भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में वन्यजीव और इंसानों के आमने-सामने आने का खतरा बढ़ रहा है।

वन्यजीवों के क्षेत्र में इंसानों की घुसपैठ

विशेषज्ञ मानते हैं कि बाघ सामान्य रूप से इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन जब उनके प्राकृतिक आवागमन मार्ग यानी कॉरिडोर में सड़कें, निजी निर्माण और भूमि विकास बढ़ने लगते हैं तो उनका रास्ता प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में बाघ आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे दुर्घटना, हमले या वन्यजीवों के घायल होने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रित करना जरूरी है। इसके लिए बाघों के प्राकृतिक कॉरिडोर की पहचान और संरक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, वन विभाग की नियमित निगरानी, चेतावनी बोर्ड, गश्त बढ़ाने और स्थानीय लोगों को जागरूक करने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।