
जनगणना 2027: पहले चरण में मकानों की गणना के लिए आज से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, पूछेंगे 33 सवाल
भोपाल: मध्यप्रदेश में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण में स्वगणना का दौर तीस अप्रैल को समाप्त हो गया। अब एक मई से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना शुरु होगी। इस चरण में एक लाख 41 हजार प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे वे मकानों की गणना के दौरान मकान में रह रहे परिवार के मुख्रिया से उनके मोबाइल नंबर और 33 तरह की जानकारियां हासिल करेंगे। मकानों की गणना का काम पूरे एक माह तीस मई तक चलेगा।
जनगणना कार्य निदेशालय के मध्यप्रदेश के कार्तिकेय गोयल ने बताया कि इस बार की जनगणना की तीन खास बाते है यह डिजिटल है, इसमें स्वगणना का प्रावधान है और पहली बार जातिगत जनगणना भी हो रही है। संयुक्त निदेशक नमित यादव, उप महा रजिस्ट्रार डॉ विजय कुमार, अपर सचिव गृह मनीषा सेतिया भी इस दौरान मौजूद थे।

मीडिया से चर्चा करते हुए गोयल ने बताया कि जनगणना के दौरान ली जा रही जानकारी पूरी तरह गोपनीय है। इसे किसी से साझा नहीं किया जाएगा और इस जानकारी के आधार पर किसी भी व्यक्ति को दी जा रही पीडीएस के राशन सहित अन्य किसी सरकारी योजना के लाभ से वंचित भी नहीं किया जाएगा। यह जनगणना एक मार्च 2027 की संदर्भ दिनांक के आधार पर की जा रही है। पहला चरण मकानों की गणना का है। इसमें सोलह अप्रैल से तीस अप्रैल तक स्वगणना की गई। इसके बाद अब एक से तीस मई के बीच प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। स्वगणना के विकल्प में अब तक 5 लाख 81 हजार 152 परिवारों ने जानकारी आनलाईन भर दी है। यह देश में सर्वाधिक है। प्रगणक इस जानकारी की पुष्टि भी करेगा और जिन्होंने जानकारी नहीं दी है उनसे जानकारी ली जाएगी। प्रगणक हर मकान में रहने वाले परिवार के मुखिया से उसका मोबाइल नंबर लेगा, लाइन संख्या, भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, फर्श, दीवार, छत, जनगणना मकान के उपयोग, आवासीय और अन्य उपयोग की जानकारी, परिवार क्रमांक, परिवार में रहने वालों व्यक्तियों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, एससी, एसटी और अन्य की जानकारी, मकान के स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, वैवाहिक दंपत्तियों की संख्या, पेयजल का स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का स्रोत, शाौचालय की उपलब्धता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, परिसर में स्रान करने की सुविधा, रसोई घर, एलपीजी पीएनजी गैस कनेक्शन की जानकारी, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईंधन, रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेलीवीजन, इंटरनेट, लेपटॉप, कम्प्यूटर , टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन, सायकल, स्कूटर, मोटर सायकल, मोपेड, कार जीप वेन, परिवार द्वारा उपयोग किये जाने वाले अनाज, खाद्यान्न की जानकारी मकान के मुखिया से पूछ कर दर्ज करेंगे। किसी से भी किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। यह जनगणना पूरी तरह नि:शुल्क है। कुल एक लाख 69 हजार 829 लोग इस काम को मध्यप्रदेश में पूरा कर रहे है। जनगणना निदेशालय ने एक टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया है जो सुबह नौ से शाम छह बजे तक शुरु रहेगा इसमें किसी भी प्रकार की जानकारी जनगणना के संबंध में ली जा सकती है। सारी जानकारी मोबाइल पर डिजिटल प्रगणक दर्ज करेंगे। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का तीन फरवरी 2027 से शुरु होगा। चार मार्च तक दूसरा चरण पूरा होगा।





