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उल्लेखनीय है कि 23 अक्टूबर को समयावधि प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। समीक्षा बैठक में श्रीमती हंसा बारिया बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित पायी गई। अनुपस्थिति की स्थिति में आयुष विभाग से संबंधित सी.एम. हेल्पलाईन / समयावधि प्रकरणों की समीक्षा नहीं की जा सकी। समय-समय पर आयोजित समीक्षा बैठकों में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा निर्देशित किया जाता रहा है कि बिना पूर्व अवकाश स्वीकृति के कोई भी अधिकारी अनुपस्थित नहीं रहे। स्पष्ट निर्देशों के उपरान्त भी श्रीमती बारिया उपस्थित नहीं हुई। इनका यह कृत्य वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशों की अवहेलना, शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है, जो मध्यप्रदेश, सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) (एक) (दो) (तीन) में निहित प्रावधानों के विरूद्ध हैं।
इस संबंध में कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने तीन दिन में समक्ष में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये हैं। समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में इनके विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित किये जाने तथा उक्त कृत्य के लिये मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियन्त्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत इनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गये हैं।





