‘कॉर्पोरेट जिहाद’ नया जुमला? लव जिहाद का कॉर्पोरेट वर्जन! द केरल स्टोरी का बड़ा रूप?

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‘कॉर्पोरेट जिहाद’ नया जुमला? लव जिहाद का कॉर्पोरेट वर्जन! द केरल स्टोरी का बड़ा रूप?

डॉ प्रकाश हिंदुस्तानी की खास रिपोर्ट

नासिक के अशोक खरात की चर्चा ख़त्म भी नहीं हुई थी कि नासिक में ही एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया।

 

अभी तक कॉर्पोरेट कल्चर, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, कॉर्पोरेट लीडरशिप जैसे शब्द सुने थे। जिहाद, लव जिहाद, लैंड जिहाद, वोट जिहाद, हलाल जिहाद जैसे शब्द भी सुने थे। लेकिन यह ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ ? कभी सुना नहीं था इसके बारे में !

 

नासिक टाटा की टीसीएस कंपनी की बीपीओ यूनिट में सामने आए प्रकरण !

– इसमें एक वर्ग के टीम लीडर्स और एच आर पर महिला कर्मचारियों के खिलाफ यौन शोषण, ब्लैकमेल, जबरन धर्मांतरण और धार्मिक दबाव डालने के गंभीर आरोप लगे हैं।

– चर्चाओं में इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ कहा जा रहा है, क्योंकि आरोपों में एक संगठित पैटर्न साफ़ दिखता है। जैसे एक धर्म की लड़कियों को टारगेट करना, दोस्ती का बहाना बनाना, शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लैकमेल करना, बीफ खाने या धर्म बदलने के लिए दबाव डालना। कुछ लोग इसे ‘लव जिहाद’ का कॉर्पोरेट वर्जन बता रहे हैं।

 

कंपनी में कुल लगभग 300 कर्मचारी थे, जिनमें से करीब 40 एक अलग धर्म के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ ने अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें वर्ग विशेष की लड़कियों को टारगेट करने की प्लानिंग होती थी।

 

शिकायतें 2022 से ही आ रही थीं, लेकिन अब मार्च-अप्रैल 2026 में मामला सार्वजनिक हुआ।

 

अप्रैल 2026 में नासिक पुलिस ने एसआईटी बनाई, कुल 9 एफआईआर दर्ज हुईं।

 

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और एफआईआर डिटेल्स के आधार पर आरोपों का पैटर्न कुछ इस तरह है :

– मुख्य रूप से धर्म विशेष की युवा महिला कर्मचारियों को चुना जाता था, जो कमजोर या नई होती थीं।

– टीम लीडर्स दोस्ती या मदद का बहाना बनाते, पिकनिक पर ले जाते, फोटोज़ /वीडियो क्लिक करते ।

– शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लैकमेल करते। जॉब, प्रमोशन या सैलरी हाइक के बदले अपमानजनक टिप्पणी सहना या कन्वर्शन का दबाव।

– जबरन अलग रीति-रिवाज अपनाने को कहा जाता था। एक एचआर कर्मी निदा खान पर आरोप है कि वह शिकायतों को दबाती थी।

– एक लड़की को कई लड़के टारगेट करते।

– पुलिस ने आठ टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया है। सब एक ही धर्म के हैं।

– सात महिला पुलिस अधिकारी कर्मचारी बनकर बीपीओ में भर्ती हुई और उन्होंने सबूत जुटाए।

 

इन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और कंपनी ने कहा है कि वह POSH (प्रिवेंशन ऑफ़ सेक्सुअल हरासमेंट की नीतियों का पालन करती है तथा जांच में सहयोग कर रही है।

– नासिक पुलिस इसकी यौन शोषण, POCSO/रेप संबंधी धाराएं, धार्मिक भावनाएं आहत करना आदि के तहत जांच रही है।

– नेता नितेश राणे ने इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ कहा और व्यापक जांच की मांग की। दूसरी जगह पर भी इसी तरह के पैटर्न की बातें उभर रही हैं।

ये आरोप हैं, अभी कोर्ट में साबित नहीं हुए। पुलिस जांच चल रही है, एसआईटी काम कर रही है।

यह मुद्दा कार्यस्थल सुरक्षा, पावर इम्बैलेंस, धार्मिक सहिष्णुता और महिला सुरक्षा पर बड़ा बहस छेड़ रहा है।

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