
चीन की एंट्री के बाद ट्रंप को याद आए मोदी…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
आखिर ईरान के मामले में बैकफुट पर पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी याद आ ही गए। चीन की ईरान मामले में एंट्री के बाद, शायद अब डोनाल्ड ट्रंप के पास मोदी से बात करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। मजेदार बात यह है कि 40 मिनट की बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर यही मत सामने आया है कि इसे सबके लिए खुला रखना चाहिए। और यह ट्रम्प को भी मालूम है, और मोदी भी अच्छी तरह से जानते हैं कि तानाशाही के कदम पर ईरान पर इस तरह का दबाव कभी नहीं डाला जा सकता।
पहले हम चीन की एंट्री पर बात करते हैं। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होने के बाद मिडिल ईस्ट का संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच चीन ने कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए शांति की पहल की है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए चार-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसे मौजूदा हालात में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, यह प्रस्ताव उस समय सामने आया, जब अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान बीजिंग दौरे पर थे। दोनों नेताओं की बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में स्थिरता बहाल करने के लिए एक रोडमैप रखा। इसके साथ चार-सूत्रीय प्रस्ताव भी पेश किया। शी जिनपिंग के इस चार-सूत्रीय प्रस्ताव में क्षेत्रीय शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को प्राथमिकता देने, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने, विकास-सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था की रक्षा करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटने दिया जा सकता।
अब हम मोदी ट्रंप बातचीत की बात करते हैं।पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अप्रैल 2026 को दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बात हुई। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति-वार्ता रखी गई थी, लेकिन इस हाई-लेवल मीटिंग में कोई रास्ता नहीं निकला। अब डोनल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से बात की है। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर की है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की।’ पीएम मोदी ने आगे बताया, ‘हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।’
शायद अब पूरी दुनिया ट्रम्प को यही आईना दिखा रही है कि कानून का राज ही दुनिया में राज कर सकता है। किसी को भी दुनिया को जंगलराज की तरफ ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। और सभी जगह बैकफुट पर ट्रंप ही नजर आ रहे हैं। मामले में चीन की एंट्री के बाद ट्रम्प को मोदी भी याद आ गए हैं और अब देखते हैं कि आगे क्या होता है।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





