
Cyber Fraudster Arrested: देवघर झारखंड में बैठ नर्मदापुरम का बैंक एकाउंट साफ करने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार
संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रकांत अग्रवाल की रिपोर्ट
नर्मदापुरम। Cyber Fraudster Arrested: देवघर में बैठ नर्मदापुरम का बैंक एकाउंट साफ करने वाले 3 साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक, जिला नर्मदापुरम श्री साई कृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नर्मदापुरम श्री जितेंद्र पाठक के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल नर्मदापुरम द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रभावी कार्यवाही का परिणाम आज शाम हुई जिला पुलिस की एक प्रेस कांफ्रेंस में उजागर हुआ।

प्रेस वार्ता में मीडिया को दी गई जानकारी अनुसार 12 मार्च को फरियादी निजाम उल हक पिता हाजी मोहम्मद मसूद, उम्र 30 वर्ष, निवासी टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, सदर बाजार, नर्मदापुरम द्वारा थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
फरियादी के अनुसार 28 जनवरी को उसके WhatsApp नंबर पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा RTO चालान से संबन्धित एक APK फाइल प्रेषित की गई थी, जिसे अनजाने में क्लिक करने के उपरांत 2 दिवस के भीतर उसकी सिम निष्क्रिय हो गई। पश्चात नई सिम प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उसके मोबाइल नंबर से संबद्ध बैंक खातों से लगभग ₹95,000/- की राशि ऑनलाइन माध्यम से आहरित कर ली गई है।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली नर्मदापुरम में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 281/26 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल डाटा विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई, जो निम्नानुसार हैं-
1. अरुण पिता महादेव मेहरा, उम्र 48 वर्ष
2. पवन पिता अरुण मेहरा,
3. ललन कुमार पिता अरुण मेहरा, उम्र 19 वर्ष
सभी निवासी ग्राम धुँधुवाजोरी, थाना सारठ, जिला देवघर (झारखंड)
पुलिस टीम द्वारा सुनियोजित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त आरोपियों को जिला देवघर (झारखंड) से विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को दिनांक 18/04/2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
अपराध की कार्यप्रणाली (Modus Operandi):
आरोपीगण सर्वप्रथम किसी परिचित व्यक्ति के मोबाइल/WhatsApp खाते को हैक कर उसके संपकों को APK फाइल प्रेषित करते हैं। पीड़ित द्वारा उक्त फाइल डाउनलोड/क्लिक करते ही आरोपी मोबाइल डिवाइस का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं, जिसके माध्यम से बैंकिंग /ओटीपी संबंधी जानकारी हासिल कर खातों से अवैध रूप से धनराशि ट्रांसफर कर लेते हैं।
सावधानियां / जनहित अपीलः
अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK फाइल/लिंक को क्लिक न करें।
मोबाइल में किसी भी अनधिकृत एप्लिकेशन को इंस्टॉल करने से बचें।
– बैंकिंग/ओटीपी संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
– किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना एवं जिला नर्मदापुरम सायबर हेल्पलाइन नंबर 7049126590
महत्वपूर्ण भूमिका :-
निरी0 कंचन सिंह ठाकुर थाना कोतवाली नर्मदापुरम, उनि० जितेंद्र चौहान, सउनि0 रेवाराम गायकवाड, प्र०आर० अनिल यदुवंशी, आर० अविनाशी हारोड़े, आर० संदीप यदुवंशी, आर० दीपेश सोलंकी, आर० रवि कुशवाह, आर0 प्रशांत राजपूत, आर० रामकुमार वर्मा एवं आर० वैभव श्रीवास्तव।





