
खरगोन में बेटियां बनीं ‘आत्म निर्भर ’, ‘शक्ति शिविर’ में ले रही हैं तलवार-लाठी, रिवाल्वर, जूडो कराटे की ट्रेनिंग

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय पर इन दिनों बेटियों को आत्मनिर्भर और निर्भीक बनाने के उद्देश्य से एक विशेष आत्मरक्षा शिविर चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की विवेकानंद कॉलोनी में हिंदू संस्कृति एवं संस्कार संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में करीब 350 बेटियां जूडो-कराटे, लाठी, तलवारबाजी, तीरंदाजी और आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सीख रही हैं। बदलते सामाजिक माहौल, साइबर अपराधों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर में सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि बेटियों को मानसिक और बौद्धिक रूप से भी मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन जालसाजी और संदिग्ध गतिविधियों से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी सहायता की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद ली जा सके।

एसपी रवींद्र वर्मा भी शिविर स्थल पहुंचे और प्रशिक्षण ले रही बेटियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है। जागरूकता और आत्मविश्वास ही बेटियों की सबसे बड़ी ताकत है, जिससे वे किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकती हैं। एसपी वर्मा ने छात्राओं से संवाद कर सुरक्षा और हेल्पलाइन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।
शिविर में शामिल बेटियों का कहना है कि यहां उन्हें सिर्फ आत्मरक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन में सतर्क और आत्मविश्वासी रहने की सीख भी मिल रही है। याशिका दशोरे ने कहा कि शिविर में दिया जा रहा हर प्रशिक्षण व्यवहारिक जीवन में काम आने वाला है। वहीं कोमल रघुवंशी ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े, यही इस शिविर का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
शिविर में प्रशिक्षण ले रही टीचर सिद्धि मीणा ने बताया कि यहां प्रशिक्षण लेने के बाद वे आगे अन्य बेटियों को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देंगी। संस्था के प्रमुख राजू शर्मा ने कहा कि समाज में बढ़ते अपराधों को देखते हुए बेटियों का शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से जागरूक होना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ यह विशेष शिविर आयोजित किया गया है, जो बेटियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा का नया भाव जगा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लव जिहाद की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है और पुणे के उदाहरण ने सभी को हिला दिया है. हम अस्त्र और शास्त्र के प्रशिक्षण के अलावा उन्हें इस तरह की बातों से बचाव के उपाय भी बता रहे हैं.





