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Dial 112: मध्य प्रदेश में डायल-112 वाहनों का नया दौर शुरू, बेहतर सुरक्षा की उम्मीद

डायल-112: तकनीक और सुविधाओं का अनोखा संगम 

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Dial 112: मध्य प्रदेश में डायल-112 वाहनों का नया दौर शुरू, बेहतर सुरक्षा की उम्मीद

Bhopal: मध्य प्रदेश में छह साल की प्रतीक्षा खत्म हुई और गुरुवार से डायल-112 वाहन सेवा की औपचारिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर अब इस सेवा को पूरे मध्यप्रदेश में रोलआउट का आदेश दिया। एक सप्ताह में प्रदेश के 1200 से ज्यादा वाहन सड़क पर दौड़ेंगे, जो पुलिस सहायता को पहले से कई गुना तेज़ और प्रभावी बनाएंगे।

**पुलिस को मिली खुली छूट, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी**  

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पुलिस को पूरी स्वतंत्रता और समर्थन मिलेगा। कोई भी अपराधी या संदिग्ध बच नहीं पाएगा। सरकार हर परिस्थिति में पुलिस के साथ खड़ी है और देश विरोधी ताकतों और माओवादी हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मोहन यादव ने साफ किया कि पुलिस विभाग को जो भी संसाधन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी ताकि मध्यप्रदेश पुलिस देश में उदाहरण बने।

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**डायल-112: तकनीक और सुविधाओं का अनोखा संगम**

डायल-112 वाहन शहरी इलाकों में नई स्कार्पियो एन और ग्रामीण क्षेत्रों में बोलेरो नियो मॉडल की होंगी। हर वाहन काफ़ी आधुनिक है, जिसमें डैशबोर्ड कैमरा, स्ट्रेचर और एंड्रॉयड आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगे हैं। इस सेवा को प्रदेश के लगभग 15,000 संवेदनशील स्थलों पर प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे पुलिस त्वरित पहुंच सुनिश्चित कर सकेगी।

**एकीकृत आपातकालीन संख्या: सभी सेवाएं एक कॉल पर उपलब्ध**  

इसके साथ ही 112 ने प्रदेश में पुलिस (100), एंबुलेंस (108), अग्निशमन (101), महिला हेल्पलाइन (1090), साइबर क्राइम (1930), रेल मदद (139), हाईवे एक्सीडेंट रिस्पांस (1099), प्राकृतिक आपदा (1079) और महिला-शिशु हेल्पलाइन (181, 1098) जैसी कई सेवाओं को भी एकीकृत कर दिया है। यह नागरिकों के लिए बहुत बड़ा बदलाव और सुविधा लेकर आया है।

**भविष्य की चुनौतियों से निपटने को तैयार प्रदेश**  

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त के विभाजन की विभीषिका पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राजनीतिक फैसलों के कारण जो असर हुआ, उसका खामियाजा सदियों तक भुगतना पड़ा। ऐसे फैसलों से उत्पन्न खतरों से निपटना आज भी आवश्यक है।