WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ अंतरराष्ट्रीय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों को राजस्थान की सुप्रसिद्ध थेवा, मीनाकारी, कुन्दन तथा जयपुर ब्लू पोट्री से निर्मित उपहार भेंट किए

WhatsApp Image 2026 05 22 At 17.22.57

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों को राजस्थान की सुप्रसिद्ध थेवा, मीनाकारी, कुन्दन तथा जयपुर ब्लू पोट्री से निर्मित उपहार भेंट किए

नीति गोपेन्द्र भट्ट की रिपोर्ट

नई दिल्ली/जयपुर। पाँच देशों संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य अतिथियों को राजस्थान की पारंपरिक कला से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इनमें डच किंग और क्वीन सहित कई विदेशी नेताओं को राजस्थान की प्रसिद्ध थेवा कला, मीनाकारी और कुंदन शिल्प से निर्मित आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। इसकी डिजाइन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता जयपुर के मीनाकारी आर्टिस्ट दीपक सांकित ने की है।

WhatsApp Image 2026 05 22 at 16.48.57

प्रधानमन्त्री मोदी ने थेवा, मीनाकारी और कुंदन कला के मिश्रण से डिज़ाइन कलाकृतियों के साथ ही और जयपुर की जग विख्यात ब्लू पॉट्री निर्मित वस्तुओं को भी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के उपहार स्वरूप भेंट किया। राजस्थान की ये पारंपरिक कलाएँ केवल आभूषण या सजावटी वस्तुएँ नहीं हैं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्प कौशल की पहचान मानी जाती हैं।

इन उपहारों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व मंच पर भारत की “लोकल फॉर ग्लोबल” और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी प्रदर्शित किया। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर विदेशी दौरों में भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प को उपहार स्वरूप देकर भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रचार करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार राजस्थान की पारंपरिक कला को चुन राजसिको के उपक्रम राजस्थली के माध्यम से थेवा,मीनाकारी और कुंदन कला के मिश्रण से डिज़ाइन कलाकृतियों और जयपुर ब्लू पॉट्री की वस्तुओं को विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के उपहार के लिए चुना। यह पहल राजस्थान के कारीगरों और हस्तशिल्प उद्योग के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन कलाओं की पहचान और मांग दोनों को बढ़ावा देने वाली हैं।

WhatsApp Image 2026 05 22 at 16.48.56

दक्षिणी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की विश्व प्रसिद्ध थेवा कला की विशेषताओं का बयान करते हुए राघव राजसीनी ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले की की प्रसिद्ध थेवा कला में रंगीन कांच पर सोने की महीन नक्काशी की जाती है। यह कला सदियों पुरानी है और इसे राजस्थान की अनूठी हस्तकला माना जाता है।इसी प्रकार मीनाकारी और कुंदन कला भी बेजोड़ है। मीनाकारी में धातु पर रंगीन डिजाइन उकेरी जाती है तथा कुंदन कला में बहुमूल्य पत्थरों को सोने की परतों में जड़ा जाता है।

राघव राजसोनी ने बताया कि थेवा की अनूठी और बेजोड़ कला के लिए उनके दिवंगत पिता महेश राजसोनी को भारत के राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अलंकरण सम्मान भी प्राप्त हुआ।