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व्यवसायी के घर गोलीबारी और 10 करोड़ की फिरौती: 3 गिरफ्तार, साजिश के पीछे ‘बड़ा नाम’!

व्यवसायी के घर गोलीबारी और 10 करोड़ की फिरौती: 3 गिरफ्तार, साजिश के पीछे ‘बड़ा नाम’!

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीलगांव में बायो कॉटन कारोबारी को 10 करोड़ रुपए की रंगदारी धमकी और उसके घर पर की गई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पीड़ित व्यापारी ने एक बड़े साजिशकर्ता का नाम सामने आने का दावा किया। राजूपूत समाज ने शनिवार को ज्ञापन भी सौंपा।

कपास व्यापारी दिलीप राठौर शनिवार को राजपूत समाज के लोगों के साथ कसरावद पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे क्षेत्र का एक प्रभावशाली व्यक्ति है, जो लंबे समय से फरार है और उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

राठौर ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा, “मैंने पुलिस को उस व्यक्ति का नाम और पूरे सबूत सौंप दिए हैं, जिसने इस साजिश को रचा। यही व्यक्ति दो साल पहले भी लॉरेन्स गैंग के जरिए मेरा अपहरण कराने की कोशिश कर चुका है। अभी जो आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, उनका सीधा संबंध भी उसी से है।”

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उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने जांच के मद्देनजर फिलहाल किसी का नाम सार्वजनिक नहीं करने को कहा है। राठौर ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य साजिशकर्ता पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्का जाम और बड़ा जनआंदोलन करेंगे।

गौरतलब है कि 16 मार्च को राठौर के घर पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी, उस समय वे इंदौर में मौजूद थे। इसके बाद उन्हें और उनके पुत्र सत्येंद्र को व्हाट्सएप के जरिए 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगते हुए धमकी भरे वॉयस कॉल और मैसेज मिले। इन धमकियों में Hary Boxer और Arzoo Bishnoi का नाम लिया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में भी फायरिंग की जिम्मेदारी इन्हीं नामों से ली गई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हालांकि, जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए आरोपियों की पहचान उजागर नहीं की गई है।

खरगोन पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, क्योंकि इसी तरह के मामले भोपाल, इंदौर, अशोकनगर और खरगोन सहित कई जिलों में सामने आए हैं। पुलिस के पास पर्याप्त सुराग हैं और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।