
खरगोन में बाढ़ बनी जानलेवा: उफनती पुलिया से गुजरी यात्री बस, बच्चों-ग्रामीणों ने भी जान जोखिम में डालकर पार की नदी; प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
खरगोन : खरगोन जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही तेज बारिश से कई नदियां और नाले उफान पर हैं। पुल-पुलियों पर बाढ़ का पानी बहने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। बुधवार को भगवानपुरा क्षेत्र से सामने आए कई वीडियो ने हालात की गंभीरता उजागर कर दी। एक ओर तेज बहाव के बीच यात्री बस पुलिया पार करती नजर आई, तो दूसरी ओर ग्रामीण और छोटे-छोटे बच्चे उफनती नदी-नालों को पार करने को मजबूर दिखे। इन घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में खरगोन-सिरवेल मार्ग पर चलने वाली एक यात्री बस भगवानपुरा क्षेत्र की जलमग्न पुलिया से गुजरती दिखाई दे रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय नदी के दोनों किनारों पर कई वाहन और लोग पानी उतरने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बस चालक ने जोखिम उठाते हुए तेज बहाव के बीच ही बस निकाल दी।

बस में सवार यात्रियों की जान खतरे में डालकर किया गया यह प्रयास किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। चालक की इस लापरवाही ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है.
बारिश के दौरान भगवानपुरा सहित जिले के कई क्षेत्रों में हर वर्ष पुल-पुलियां जलमग्न हो जाती हैं। इसके बावजूद संवेदनशील स्थानों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही आवागमन रोकने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो लोग इस तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर नहीं होते।
बभगवानपुरा क्षेत्र के पीपलझोपा के राजमोहली गांव से भी एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। वायरल वीडियो में परिजन छोटे बच्चों का हाथ पकड़कर उफनती कुंदा नदी पार कराते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पुलिया नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है और बच्चों सहित पूरे गांव को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
इसी तरह काबरी-सागमली मार्ग का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बैलगाड़ी बाढ़ से लबालब पुलिया पार कर रही है, जबकि एक व्यक्ति छोटे बच्चे को पीठ पर बैठाकर तेज बहाव के बीच पुलिया पार करता दिखाई दे रहा है। ये दृश्य ग्रामीणों की मजबूरी और क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन की कमी को साफ तौर पर उजागर करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार भगवानपुरा क्षेत्र के कई गांवों में बारिश शुरू होते ही संपर्क मार्ग कट जाते हैं। पुल और पुलियाओं के अभाव में ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और दैनिक जरूरतों के लिए उफनती नदियों और नालों को पार करना पड़ता है। हर वर्ष ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
खरगोन के एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने कहा कि प्रशासन ने मानसून शुरू होने से पहले ही लोगों से अपील की थी कि बाढ़ की स्थिति में पुलों और पुलियाओं को पार न करें। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता की कमी के कारण कई बार इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
बाढ़ग्रस्त पुलिया से यात्री बस निकालने और बच्चों के बाढ़ के पानी में होकर गुजरने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए बैरवा ने कहा कि दोनों मामलों में प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगा।
लगातार वायरल हो रहे इन वीडियो के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित मार्गों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, पुलिस एवं राजस्व अमले की तैनाती करने तथा संवेदनशील स्थानों पर मजबूत पुल-पुलियों का निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।





