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Karanpur Election : टीटी को चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में शामिल करना हार का कारण! 

कांग्रेस को सहानुभूति वोट मिले, जिसे भाजपा समझ नहीं सकी! 

Karanpur Election : टीटी को चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में शामिल करना हार का कारण! 

 

Jaipur : विधानसभा चुनाव के बाद पहली राजनीतिक परीक्षा में भाजपा फेल हो गई। करणपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रुपिन्दर सिंह उर्फ रूबी कुन्नर ने भाजपा प्रत्याशी और बिना विधायक बने मंत्री बनाए गए सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को हरा दिया। कुन्नर ने भाजपा प्रत्याशी और राज्य मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को 11 हजार 283 वोटों के अंतर से मात दी। इसका सबसे बड़ा कारण रहा टीटी को चुनाव जीतने से पहले मंत्री बना देना।

चुनाव हारने के बाद टीटी ने सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अपना इस्तीफा भेज दिया। टीटी संभवत: ऐसे पहले मंत्री हैं, जो विधायक बने बिना मंत्री बने और मंत्री पद की शपथ लेने के बाद चुनाव हार गए। टीटी की हार से भाजपा सरकार और संगठन दोनों को बड़ा झटका लगा। सरकार बनने के बाद भाजपा की यह पहली सियासी परीक्षा थी, जिसे सत्ता और संगठन दोनों मिलकर पास नहीं कर पाए।

कांग्रेस की जीत का आधार रहा सरदार गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के बाद वोट मांगने के दौरान भी उनकी फोटो लगे पोस्टर लगाए गए। ऐसे में जनता में सहानुभूति मिली। टीटी को मतदान से पहले मंत्री बनाने का कार्ड भाजपा ने खेला, कांग्रेस ने इसे चुनावी हथियार बनाया। ऐसा मुद्दा ऐसा वायरल हुआ कि भाजपा इसका जवाब तक नहीं दे पाई।

भाजपा की हार की बड़ी वजह ये बताई जा रही है कि सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी को मतदान से पहले राज्य मंत्री बनाना और विभिन्न विभाग तक आवंटित करने से जनता में संदेश गया कि अब टीटी को वोटों की जरूरत नहीं है। मंत्री बनने के बाद टीटी समर्थकों ने मुकाबले को गंभीरता से नहीं लिया और अति उत्साह में धरातल पर वोटरों से संपर्क नहीं कर पाए। विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा ने सर्वे कराया था, इसमें टीटी को कमजोर प्रत्याशी बताया गया था लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।