
Kissa-A-IAS: IAS Gunjita Agrawal: बाराबंकी में बुलडोजर से अवैध निर्माण ढहाए ,UP में अलग पहचान बनाई MP की गुंजिता ने
सुरेश तिवारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 2023 बैच की गुंजिता अग्रवाल उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। गुंजिता मध्य प्रदेश की रहने वाली है जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश में बाराबंकी में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं।
बाराबंकी में बिल्डरों के अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाने के बाद इस युवा अधिकारी की अलग ही पहचान बनी है।
*चार बार फेल हुईं पर छोड़ा नहीं आइएएस बनने का सपना*
2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गुंजिता अग्रवाल की आल इंडिया रैंकिंग 26 रही। मसूरी में के प्रशिक्षण के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित हुआ।

गुंजिता के बारे में बताया गया कि वे हर दिन सिर्फ आइएएस बनने के लिए ही तैयारी कर रहीं थीं। खास बात यह है कि वे 4 बार यूपीएससी परीक्षा दे चुकी थीं लेकिन सफल नहीं हो पाईं। उन्होंने हार नहीं मानी और अपना प्रयास जारी रखा और आखिरकार पांचवीं बार में उन्हें सफलता हासिल हुई।
गुंजिता ने कहना है कि कभी नहीं लगा कि प्रयास करना छोड़ दूं, मेहनत पर यकीन था।

गुंजिता अग्रवाल ने कहा कि मैं कॉलेज के आखिरी साल से ही तैयारी कर रही थी। 4 साल में एक भी बार सफलता नहीं मिली। 5वीं बार में प्रीलिम्स और मेंस दोनों क्लियर हो गए। वैसे इतनी असफलताओं के बावजूद इतने सालों में मुझे कभी ये नहीं लगा कि मैं प्रयास करना छोड़ दूं। इसके पीछे की वजह मेरी फैमिली थी। उनका मुझे बहुत सपोर्ट था और मैं हर दिन सिर्फ आइएएस बनने के लिए ही तैयारी करती थी। मेरे पिता जगदीश प्रसाद गुप्ता मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर हैं और मां शशि गुप्ता गृहिणी हैं। बड़ी बहन बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।

*अब बात करते हैं बाराबंकी की*
उत्तर प्रदेश में बाराबंकी में अवैध रूप से प्लाटिंग कर रहे बिल्डरों पर सदर एसडीएम गुंजिता अग्रवाल का सख्त रुख देखने को मिला है। राजधानी लखनऊ की सीमा से सटे बाराबंकी में समृद्धि इंफ्रा टेक और देव इंफ्रा के निर्माणधीन परियोजनाओं पर राजस्व प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन किया।

*एसडीएम ने दिया सख्त संदेश*
आईएएस गुंजिता अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जो भी जमीन के सेलर्स और बॉयर्स हैं, वो नियमानुसार ही खरीद-फरोख्त करें। नियम के खिलाफ इस प्रकार से खरीद-बिक्री को मान्यता नहीं मिलेगी। ऐसे में अगर अवैध निर्माण जैसी स्थिति आती है तो ऐसे लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।




