
Kissa-A-IAS: IAS Sanjay Jaju is now CS: भोपाल के संजय जाजू संभालेंगे तेलंगाना राज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक कमान
सुरेश तिवारी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले एवं झीलों के शहर में शिक्षित संजय जाजू केंद्र सरकार में 13 वर्ष की सफल सेवा पूर्ण कर अब अपने केडर स्टेट तेलंगाना के मुख्य सचिव का पद सुशोभित करेंगे.
संजय जाजू ने भोपाल के प्रतिष्ठित Campion School से 1985 में 11th बोर्ड की परीक्षा में मेरिट में तृतीय स्थान प्राप्त किया था.

संजय के बचपन के मित्र एवं PTI MP के स्टेट ब्यूरो प्रमुख मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में जाजू के नाम पूरे देश का एक विशिष्ट कीर्तिमान स्थापित है। उन्होंने 18 वर्ष की बाली उम्र में ही Indian Cost and Works Accounts (ICWA) की कठिन परीक्षा पास कर के देश में सबसे कम उम्र में इस परीक्षा को पास करने का कीर्तिमान स्थापित किया था जो आज तक नहीं टूटा. समय के साथ ICWA की नियमावली में भी कुछ परिवर्तन हुआ है जिस कारण अब यह कीर्तिमान कोई तोड़ भी नहीं पाएगा.

बचपन से ही कुशाग्र संजय ने पूरे सम्मान के साथ एक बार क्लास 9th में फिजिक्स की टीचर ने ड्राई सेल्स पढ़ते समय कहा कि
“NiFe” सेल्स का इन्वेंशन Nife नाम के साइंटिस्ट ने किया था
तब हमारे संजय भाई बोले कि ऐसा नहीं है टीचर,
Nife का मतलब है
Ni – निकेल
Fe – आयरन
तो Nife निकेल आयरन सेल का शॉर्ट फ़ॉर्म है, संजय के स्कूल टाइम के साथी राजेश हेनरी ने बताया.
बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे संजय. स्कूल में खाली समय में भी अक्सर पढ़ते रहते थे. उनके घर का वातावरण भी पढ़ाई लिखाई और क्रिकेट मय रहता था. फ़िल्म देखने के बहुत शौकीन थे. आंध्र प्रदेश- तेलंगाना जाकर अच्छी तेलुगु फ़िल्म देखने का भी कोई मौका नहीं छोड़ते..
जाजू को लेकर एक और विशेष बात सामने आई है। देश की सबसे प्रतिष्ठित IIT में एडमिशन होने के बाद भी उन्होंने भोपाल स्थित MACT कॉलेज को चुना। वही से B.Tech और M.Tech की उपाधि प्राप्त कर के यूपीएससी की परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन हुआ लेकिन वे सेवा का सर्वश्रेष्ठ माध्यम IAS को ही मानते थे। इसलिए फिर दोबारा UPSC परीक्षा दी और इस बार भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन होकर वे पहले तत्कालीन आंध्र प्रदेश और बाद में तेलंगाना राज्य बनने से उस कैडर के 1992 बैच के IAS अधिकारी बने। अविभाजित आंध्र प्रदेश में तेलुगु भाषा में पारंगत हासिल कर के अपनी IAS सेवा प्रारंभ की.

नेल्लोर के सहायक कलेक्टर, विशाखापट्टनम और हैदराबाद में निगम आयुक्त, पार्वतीपुरम और पूर्व गोदावरी जिले में कलेक्टर जैसे महत्त्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य कर उन्होंने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी.
मातृभक्त संजय अपनी माता जी श्रीमती विमला जाजू से मिलने का कोई मौका नहीं छोड़ते और भोपाल की और रुख कर लेते हैं. मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करने से पहले वे कल भोपाल आए और अपनी माताजी से आशीर्वाद और छोला हनुमान जी से आशीर्वाद लेकर गए है.
अपने स्वर्गीय पिताजी नारायण दास जाजू की तरह कवि हृदय संजय अक्सर कविता लिखते रहते हैं.

जहां संजय के सभी भाई बहन एवं जीजा NIT से शिक्षित है, इन सभी की अगली पीढ़ी IIT से शिक्षित होकर देश विदेश मे उच्च पदों पर सेवारत है.
देवास जिले की खातेगांव तहसील के डोकाकुई गाँव के रहने वाले संजय आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए है और उन्होंने अपने गाँव मे हर मूलभूत सुविधा जैसे पक्की सड़क, बिजली, नल, स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन, कम्युनिटी हाल आदि सुविधाएं अपने संपर्कों के माध्यम से विकसित करवाई है।

हाल ही मे 23 जून को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरूगन ने उनके गाँव पहुंच कर सांसद निधि से निर्मित नए पंचायत भवन एवं अन्य विकास कार्यों का उद्घाटन किया.
केंद्र में लगभग 13 साल बिताने के बाद, 1992 बैच के IAS अधिकारी संजय जाजू तेलंगाना लौट रहे हैं ताकि वे राज्य के अगले मुख्य सचिव का पद संभाल सकें। वे के. रामा कृष्णा राव की जगह लेंगे, जो 30 जून को रिटायर हो रहे हैं।
राज्य सरकार ने उन्हें कुछ अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ भी सौंपी हैं। मुख्य सचिव के तौर पर काम करने के साथ-साथ जाजू उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभागों के प्रमुख होंगे, SPEED विंग की देखरेख जारी रखेंगे, और मुख्यमंत्री कार्यालय में उद्योग और निवेश सेल के विशेष मुख्य सचिव और CEO के रूप में भी काम करेंगे।

1969 में मध्य प्रदेश में जन्मे संजय जाजू का करियर ज़िला प्रशासन, शहरी प्रशासन और केंद्र सरकार के अहम मंत्रालयों में काम करने का रहा है। तेलंगाना लौटने से पहले, वे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।।इससे पहले, उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय में सचिव, रक्षा उत्पादन विभाग में अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम किया और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में वरिष्ठ पदों पर रहे, जहाँ NHIDCL में ऑनलाइन सेवाएँ शुरू करने का श्रेय उन्हें जाता है।
2014 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले, उन्होंने अविभाजित आंध्र प्रदेश में कई अहम ज़िम्मेदारियाँ निभाईं। उन्होंने पूर्वी गोदावरी के कलेक्टर, हैदराबाद और विशाखापत्तनम नगर निगमों के कमिश्नर, IT सचिव और आंध्र प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया।
उन्होंने ‘मी सेवा’ (Mee Seva) को डिज़ाइन करने में भी अहम भूमिका निभाई, जो नागरिकों पर केंद्रित एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जिसने सरकारी सेवा वितरण के तरीके को बदल दिया।
राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर अपने व्यापक प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाने वाले संजय जाजू से उम्मीद है कि वे तेलंगाना की विकास परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएँगे।
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