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आकाश अपनी बहनों 23 वर्षीय रोशनी अहिरवार और 20 वर्षीय आकांक्षा अहिरवार के साथ छतरपुर शहर के जीवन ज्योति कॉलोनी, खजुराहो रोड पर किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता था। वहीं बहनें पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहीं हैं।
खजुराहो से छतरपुर तक का सफर..
आकाश की शुरुआती पढ़ाई खजुराहो में हुई। दो साल पहले दोनों बहनों के साथ आकाश छतरपुर शिफ्ट हुआ, जहां उसका 11वीं में दाखिला एक्सीलेंस स्कूल में कराया गया। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी आकाश ने 10वीं में 94% अंक हासिल किए थे और 11वीं में स्कूल में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
पढ़ाई के साथ पिता का सहारा भी..
आकाश पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता का हाथ भी बंटाता है। वह दिल्ली जाकर पिता के काम में सहयोग करता रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद मिल सके।
अब UPSC का लक्ष्य..
अपनी इस बड़ी सफलता के बाद आकाश का सपना अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर देश सेवा करना है। इसके लिए वह आगे की पढ़ाई और तैयारी में जुट गया है।
आकाश की यह सफलता न केवल छतरपुर बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
