
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद नई दिल्ली में बढ़ा सियासी पारा, वरिष्ठ नेता पहुंचे चुनाव आयोग के दफ्तर, दिया धरना
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी पारा हाई हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और अन्य नेता चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयोग परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। सुरक्षा कर्मियों ने बिना पूर्व अनुमति का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सचिन पायलट और भूपेश बघेल चुनाव आयोग के बाहर डटे रहे।
दिल्ली में चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
बिना अनुमति का हवाला देकर रोका गया प्रवेश
चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे कांग्रेस नेताओं को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। सुरक्षा कर्मियों ने पूर्व अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए नेताओं को प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर मौजूद रहकर अपनी नाराजगी जताई।
‘ *हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे’*
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह लोकतंत्र का बुनियादी मामला है। हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे जब तक वे हमें अंदर जाने की इजाज़त नहीं देते। हम बहुत ज़िम्मेदार लोग हैं। पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और सांसद यहां मौजूद हैं।’
*चुनाव आयोग पर भड़के सचिन पायलट*
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, ‘हमारी उम्मीदवार (मीनाक्षी नटराजन) के खिलाफ कोई FIR या चार्जशीट नहीं है। उन्होंने बिना किसी वजह के हमारी उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द कर दिया है। हम यहां आए, लेकिन हमें अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। हमने 2 घंटे पहले लिखित में जानकारी दी थी। जिस सीट पर हम जीत रहे थे, हमारी उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया है। यहां कोई हमसे मिलने को तैयार नहीं है। वे कह रहे हैं कि चुनाव आयोग में कोई अधिकारी नहीं है… ऐसा पहली बार हुआ है कि सिर्फ़ एक नोटिस की वजह से राज्यसभा उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया हो। उनके ख़िलाफ़ कोई केस या FIR नहीं है।’





